पी.एम. किसान योजना के नाम पर फेक APK फाइल भेजकर ₹7.23 लाख की ठगी, आगरा से दो आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस के साइबर थाना NIT की टीम ने “पी.एम. किसान योजना” के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आकाश (27 वर्ष) और प्रशांत (37 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले हैं। इन आरोपियों ने गांव करनेरा के एक व्यक्ति को “पी.एम. किसान” का झांसा देकर एक फेक APK फाइल भेजी और उनका मोबाइल हैक कर खाते से 7,23,700 रुपये निकाल लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पीड़ित को मोबाइल पर एक लिंक प्राप्त हुआ था, जिसे पी.एम. किसान योजना से संबंधित बताया गया था। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया। कुछ देर बाद जब मोबाइल चालू हुआ और पीड़ित ने अपना बैंक खाता चेक किया, तो उनके होश उड़ गए; उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 7.23 लाख रुपये से अधिक की राशि गायब थी। इस शिकायत पर साइबर थाना NIT ने तकनीकी जांच शुरू की और आरोपियों के नेटवर्क को ट्रैक किया।

पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि आकाश (12वीं पास) और प्रशांत (बी.ए पास) इस गैंग में ‘खाता ऑपरेटर’ के रूप में काम कर रहे थे। ये ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में मैनेज करते थे। पुलिस इस मामले में पहले ही पवन (खाताधारक) और हरीश नाम के दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब इन ताजा गिरफ्तारियों के जरिए पुलिस गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुँचने का प्रयास कर रही है।

फरीदाबाद पुलिस ने आम जनता को सतर्क करते हुए कहा है कि साइबर ठग आजकल सरकारी योजनाओं का नाम लेकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। किसी भी अनजान नंबर से आए लिंक या APK फाइल पर कभी भी क्लिक न करें। ऐसी फाइलें आपके मोबाइल का पूरा कंट्रोल हैकर्स को दे देती हैं, जिससे वे आपकी बैंकिंग ऐप्स और निजी डेटा तक पहुँच बना लेते हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More