डीडीयू कॉलेज के छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में अभाविप का प्रदर्शन, किया द्वारका उत्तर थाने का घेराव

नई दिल्ली: दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव के दौरान हुए हंगामे और उसके बाद दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए कथित लाठीचार्ज ने तूल पकड़ लिया है। शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई और कॉलेज प्रशासन की असक्षमता के विरोध में द्वारका उत्तर थाने के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने नारेबाजी करते हुए उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जिन्होंने विद्यार्थियों पर बल प्रयोग किया था।

जानकारी के अनुसार, महाविद्यालय के वार्षिक उत्सव के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में भारी कमी देखी गई। अभाविप का आरोप है कि कार्यक्रम के प्रबंधन में कॉलेज प्रशासन और पुलिस दोनों ही विफल रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय पुलिस ने निहत्थे छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किया, जिससे कई विद्यार्थियों को चोटें आईं। छात्र संगठन ने इसे पुलिस की दमनकारी नीति करार देते हुए निंदनीय बताया है।

प्रदर्शन के बाद अभाविप के एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और घटना की निष्पक्ष जांच के लिए ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, न कि उन पर बल प्रयोग करना। वार्ता के बाद पुलिस अधिकारियों ने अभाविप को आश्वासन दिया कि घटना की जांच की जाएगी और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई होगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने का भरोसा भी दिया गया।

अभाविप दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज इकाई के अध्यक्ष सक्षम सिंह ने कहा कि भीड़ प्रबंधन के लिए लाठीचार्ज जैसा कदम पूरी तरह अनुचित था। उन्होंने कहा, “पुलिस को लाठी चलाने के बजाय पूर्व तैयारी और बेहतर प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए था।” सक्षम सिंह ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में छात्रों के साथ इस तरह का बर्ताव दोबारा हुआ या दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो अभाविप दिल्ली स्तर पर एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगी। फिलहाल, पुलिस के आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त किया।

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