SERU यात्रा: राष्ट्रपति भवन से अक्षरधाम तक लद्दाख के युवाओं ने देखी भारत की विरासत, सीएम ने सराही अभाविप की पहल

नई दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिष के प्रकल्प ‘स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन रीजनल अंडरस्टैंडिंग’ (SERU) के तहत दिल्ली आए लद्दाख के 30 प्रतिनिधियों का तीन दिवसीय दिल्ली पड़ाव शनिवार को भावुक विदाई के साथ संपन्न हुआ। यात्रा के अंतिम दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। दिल्ली की स्मृतियों को संजोए हुए यह दल अब अपने अगले पड़ाव हरियाणा और फिर हिमाचल व जम्मू के लिए रवाना हो गया है।

दिल्ली पड़ाव के आखिरी दिन प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति भवन के ‘अमृत उद्यान’ और ऐतिहासिक ‘अशोका हॉल’ का भ्रमण किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों के साथ विशेष संवाद सत्र में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने अभाविप की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए ऐसे कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होते हैं। छात्रों ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद से भी मुलाकात की और दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था व अनुभवों पर चर्चा की।

पिछले तीन दिनों में इन प्रतिनिधियों ने दिल्ली के विभिन्न पहलुओं को करीब से देखा। दल ने संसद भवन, प्रधानमंत्री संग्रहालय और अक्षरधाम मंदिर का भ्रमण किया। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह के साथ दोपहर के भोजन पर हुए संवाद में छात्रों ने अपने करियर और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों ने उस ऐतिहासिक कोठरी को भी देखा जहाँ क्रांतिकारी भगत सिंह को बंदी बनाया गया था।

इस यात्रा की सबसे बड़ी सफलता ‘होस्ट फैमिली’ संकल्पना रही। दिल्ली के स्थानीय परिवारों के साथ रहे इन छात्रों का जुड़ाव इतना गहरा हो गया कि विदाई के समय दोनों पक्षों की आंखें नम थीं। अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि मात्र तीन दिनों में छात्रों ने महसूस किया कि दिल्ली में भी उनका अपना एक परिवार है। यह भावनात्मक जुड़ाव ही इस यात्रा का वास्तविक उद्देश्य है।

दिल्ली मेट्रो का आनंद लेते हुए छात्र गुरुग्राम के लिए रवाना हुए। 26 फरवरी से शुरू हुई यह यात्रा 10 मार्च को लेह में समाप्त होगी। अभाविप वर्ष 1991 से इस प्रकल्प के माध्यम से लद्दाख के युवाओं को देश की विविध लोक-परंपराओं और सामाजिक संरचना से परिचित करा रही है, ताकि वे राष्ट्र की मुख्यधारा के साथ और अधिक सुदृढ़ता से जुड़ सकें।

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