काला जठेड़ी गैंग का शूटर गिरफ्तार, द्वारका एएटीएस ने टागेर्ट किलिंग की साजिश को किया नाकाम

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका जिला की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड ने नो गन्स, नो गैंग्स अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुख्यात काला जठेड़ी – ओम प्रकाश उर्फ काला झरोड़िया गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को दो परिष्कृत सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने राजधानी में होने वाली एक संभावित टारगेट किलिंग की साजिश को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है।

द्वारका जिले के डीसीपी अंकित सिंह के निर्देशानुसार, संगठित आपराधिक गिरोहों पर लगाम लगाने के लिए एसीपी ऑपरेशंस के मार्गदर्शन और एएटीएस प्रभारी इंस्पेक्टर मनीष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम के हेड कांस्टेबल घनश्याम को सटीक सूचना मिली कि झरोड़ा कलां निवासी मनीष उर्फ मिशु (19) अवैध हथियारों के साथ हरि विहार इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने आने वाला है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने द्वारका नाला रोड, मेट्रो पिलर नंबर P-9 के पास सामरिक जाल बिछाया और आरोपी को धर दबोचा।

पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी मनीष आदतन अपराधी है और हाल ही में जनवरी 2026 में आर्म्स एक्ट के तहत जेल जा चुका था। जेल में रहने के दौरान वह गैंगस्टर ओम प्रकाश उर्फ काला झरोड़िया के संपर्क में आया और उसके प्रभाव में आकर गिरोह के लिए शूटर के तौर पर काम करने को तैयार हो गया। जमानत पर बाहर आते ही उसने गिरोह के निर्देशों पर काम करना शुरू कर दिया था। तलाशी के दौरान उसके पास से जो दो पिस्टल बरामद हुईं, वे लोडेड थीं और तुरंत इस्तेमाल के लिए तैयार थीं, जो उसके खतरनाक इरादों को स्पष्ट करती हैं।

सघन पूछताछ के दौरान मनीष ने खुलासा किया कि उसने ये हथियार मध्य प्रदेश के खरगोन स्थित एक अंतरराज्यीय अवैध हथियार आपूर्तिकर्ता से खरीदे थे। उसने करीब 15-16 दिन पहले तीन पिस्टल और 10 कारतूस प्राप्त किए थे, जिनमें से एक पिस्टल उसके रोहतक निवासी साथी के पास है। इस खुलासे से दिल्ली के गैंगस्टरों और मध्य प्रदेश के हथियार तस्करों के बीच के गहरे गठजोड़ का पता चला है।

द्वारका नॉर्थ थाने में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत नई एफआईआर दर्ज की गई है। डीसीपी अंकित सिंह ने बताया कि पुलिस अब मनीष के फरार साथियों की तलाश कर रही है और मध्य प्रदेश से संचालित होने वाली इस पूरी अवैध हथियार सप्लाई चेन को ध्वस्त करने के लिए छापेमारी कर रही है। समय रहते हुई इस गिरफ्तारी से दिल्ली में एक बड़ी रक्तपात वाली घटना टल गई है।

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