चेक बाउंस मामले में फरार ‘भगोड़ा’ गिरफ्तार: द्वारका जिला पुलिस के ‘जेल बेल सेल’ ने दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका जिला पुलिस की जेल बेल और उद्घोषित अपराधी सेल ने अदालती कार्यवाही से बच रहे अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने एनआई एक्ट के एक मामले में फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी रिजवान (35) पिछले काफी समय से ट्रायल से बच रहा था, जिसके बाद दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।

द्वारका जिले के डीसीपी अंकित सिंह के निर्देशानुसार, भगोड़े अपराधियों और सक्रिय अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसीपी ऑपरेशंस रविंदर अहलावत के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर हरीश कुमार के नेतृत्व में एक समर्पित टीम गठित की गई। इस टीम में हेड कांस्टेबल कुलवंत सिंह, महेश डागर और कांस्टेबल जयदीप शामिल थे। टीम तकनीकी निगरानी और स्थानीय मुखबिरों के माध्यम से फरार अपराधियों की लोकेशन ट्रैक कर रही थी।

21 फरवरी को जब पुलिस टीम सेक्टर-10 द्वारका इलाके में मौजूद थी, तभी हेड कांस्टेबल कुलवंत सिंह को एक गुप्त सूचना मिली कि चेक बाउंस मामले में भगोड़ा घोषित रिजवान, निवासी मोहन गार्डन (उत्तम नगर), इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर घेराबंदी की और रिजवान को उस समय दबोच लिया जब वह वहां संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा था। पुलिस ने उसे बीएनएसएस की धारा 35.1(D) के तहत गिरफ्तार किया है।

जांच में सामने आया कि रिजवान के खिलाफ द्वारका कोर्ट में एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत मामला लंबित था। लगातार अदालती पेशियों से नदारद रहने और ट्रायल से बचने के कारण, न्यायाधीश नितेश गोयल ने इसी साल 13 जनवरी 2026 को उसे आधिकारिक तौर पर उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया था। पुलिस के अनुसार, रिजवान का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है, लेकिन अदालती आदेशों की अवहेलना के चलते अब वह सलाखों के पीछे है। पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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