अखिलेश ने क्यों कहा- कान छिदाने से कोई योगी नहीं हो सकता; जानें रामभद्राचार्य को लेकर ‘टीपू’ आखिर क्यों चबा रहे ‘नाखून’

राष्ट्रीय जजमेंट

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को पार्टी मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जमकर निशाना साधा. इस मौके पर अखिलेश यादव ने कई पार्टियों के नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाकर समाजवादी पार्टी में उनका स्वागत किया.उन्होंने कहा कि हर वर्ग समाजवादी पार्टी से जुड़ रहा है. वर्ष 2027 में यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी. पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं ने संकल्प लिया कि 2027 में अखिलेश यादव फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे और भविष्य में प्रधानमंत्री भी बनेंगे.
इस अवसर पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पीडीए आंदोलन पर जोर दिया. उन्होंने बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए लोगों को भरोसा दिलाया कि समाजवादी आंदोलन है, लोकतंत्र बचाने के लिए काम जारी रखेगा. साथ ही उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम जारी रखने का संकल्प दोहराया.अखिलेश यादव ने कहा कि “मैं लीडर ऑफ अपोजिशन से अपने आप को जोड़ता हूं. रोबोट तो है, वह लेकिन वह दिखता कैसा है? इधर सुना है कि चीफ मिनिस्टर विष्ट साहब जापान जा रहे हैं. आज से 10-20 साल पहले ही जापान का भी डॉग बड़ा फेमस हुआ था. मैं उसका नाम भूल रहा हूं, उसे इलेक्ट्रॉनिक डॉग बोलते थे. दुनिया में एआई को लेकर या नई टेक्नोलॉजी को लेकर जो कंपनी बन रही है या जो स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं. यह हमारी आपकी समस्याओं का समाधान करेंगे. जितनी नई समस्याएं होंगी उनके समाधान के लिए हमें कभी न कभी रास्ता निकालना पड़ेगा. ऐसे वस्त्र पहने हुए हैं. हम लोग धोखा खा रहे हैं. मैं फिर एक बात दोहराता हूं. हमारी गीता में लिखा है माया में रहकर माया से दूर रहो और जो दूसरे का दुख अपना दुख समझे वही है योगी.”अखिलेश ने कहाकि “गुरु नानक ने कहा कि वस्त्र पहनने से और कान छिदाने से कोई योगी नहीं हो सकता. बताइए, हमारे समाज के सबसे पूजनीय शंकराचार्य जी के साथ क्या व्यवहार सरकार की तरफ से हो रहा है. अब अचानक कुछ लोग निकल पड़े सम्मान देने के लिए. जिस समय शिखा को पकड़ कर अपमानित किया जा रहा था उस समय यह लोग कहां थे? उस समय उन्हें जाना चाहिए था. संगम किनारे हमारे पूज्य शंकराचार्य जी कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे. उस समय सर्दी बहुत ज्यादा थी. अब तक हमारी पौराणिक व्यवस्था, सनातनी व्यवस्था में कहीं किसी भी शंकराचार्य को गंगा स्नान से नहीं रोका गया होगा, लेकिन यह पहली बार हुआ है सरकार में कि उन्हें स्नान करने से भी रोका गया है. जो हमारी अध्यात्म की हमारे सनातन धर्म की त्रिवेणी है. अब तो यह सरकार एक कदम और आगे निकल गई है. यह लगता है कहीं अंधेरे में या रात में फिल्म देखते हैं 20 साल बाद. हर बात इन्हें 20 साल बाद पता लगती है. हमारा एक पैनलिस्ट था उसकी 20 साल पुरानी घटना याद करके जेल भेज दिया.”अखिलेश ने कहा कि शंकराचार्य को अपमानित करके अब किसी को ढूंढ़ कर लाए हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “मैं रामभद्राचार्य जी के बारे में कुछ बोलना नहीं चाहता, लेकिन अगर उनका चेला है, तो मुझसे गलती हुई है. हमने कभी रामभद्राचार्य पर से 420 का मुकदमा वापस लिया था. मुझे उन्हें जेल भेज देना चाहिए था. यह बात गलत हो तो आप बताइए.”खिलेश ने कहा कि कभी विचारों को लेकर झगड़ा हो जाता है, लेकिन आप इस पर उतर जाएंगे कि इस तरह की घटिया हरकत करने लगेंगे. यह सरकार बचने वाली नहीं है. जनता ने इस सरकार को अस्वीकार कर दिया है. अब जनता इंतजार कर रही है कब वोट डालने का मौका मिले. मैं फिर कहता हूं जितनी पीड़ा बढ़ेगी उतना हमारा पीडीए बढ़ेगा.अखिलेश ने कहा इस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामधारी सिंह दिनकर की कुछ लाइन रट ली हैं. महाभारत और रश्मिरथी की लाइन रटकर बोल रहे हैं. रश्मिरथी का क्या प्रसंग है उसके बारे में ही नहीं जानते और मांग रहे हैं सर्टिफिकेट. जाति जाति की बात कर रहे हैं.दोनों डिप्टी सीएम को दिया ऑफरअखिलेश ने कहा कि आज लग रहा है मुख्यमंत्री जी भारत की धरती से उड़ गए हैं. उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों को ऑफर दिया कि वह 100 विधायक लेकर आएं और मुख्यमंत्री बन जाएं. इससे अच्छा मौका और क्या मिलेगा, लेकिन ऑफर सिर्फ एक सप्ताह तक के लिए है.

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