देश के 930 शहरों में गूंजा जल संरक्षण का संदेश, निरंकारी मिशन ने साफ किए 1600 जल स्रोत

नई दिल्ली: ‘जल ही जीवन है’ के संकल्प को आत्मसात करते हुए संत निरंकारी मिशन की ओर से रविवार को देशव्यापी जल संरक्षण एवं स्वच्छता अभियान ‘प्रोजेक्ट अमृत’ के चौथे चरण का भव्य आयोजन किया गया। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता के मार्गदर्शन में भारत के 25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 930 शहरों में 1600 से अधिक स्थानों पर जल स्रोतों की सफाई की गई। इस महाअभियान में लगभग 12 लाख स्वयंसेवकों ने निस्वार्थ भाव से नदियों, तालाबों और झीलों को स्वच्छ कर पर्यावरण संरक्षण का अनूठा उदाहरण पेश किया।

राजधानी के बुराड़ी स्थित मैदान संख्या-8 में आयोजित विशाल सत्संग कार्यक्रम में सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने अपने अमृत वचनों में सेवा और समर्पण के महत्व पर प्रकाश डाला। माता ने फरमाया कि भक्ति केवल शब्दों का उच्चारण नहीं, बल्कि वह हमारे कर्मों और व्यवहार में प्रकट होनी चाहिए। उन्होंने बाबा हरदेव सिंह महाराज की शिक्षाओं का स्मरण कराते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है, जब हम उनके बताए प्रेम, करुणा और समदृष्टि जैसे मानवीय गुणों को अपने जीवन में उतारें। सतगुरु माता ने आह्वान किया कि सेवा निस्वार्थ भाव से होनी चाहिए, क्योंकि स्वार्थरहित सेवा ही समाज में वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन लाती है।

इस अवसर पर मिशन की मानवीय सेवा परियोजनाओं, विशेष रूप से “संत निरंकारी हेल्थ सिटी” के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि यह परियोजना समाज के हर वर्ग को स्वास्थ्य और करुणा का संबल प्रदान करेगी। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव ने बताया कि अभियान की शुरुआत सेवादल के प्रार्थना गीत के साथ हुई, जिसके बाद अनुशासन और सुरक्षा के कड़े मानकों के बीच स्वच्छता कार्य संपन्न हुआ। मिशन की ‘वननेस वन’ (वृक्षारोपण) और ‘प्रोजेक्ट अमृत’ (जल संरक्षण) जैसी पहल आज प्रकृति और मानवता के बीच सामंजस्य स्थापित करने की दिशा में एक वैश्विक प्रेरणा बन गई हैं।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More