‘नकली नोटों’ का झांसा देकर लूटपाट करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के मध्य जिला पुलिस की करोल बाग थाना टीम ने एक पेशेवर और तकनीक आधारित जांच के बाद लूटपाट करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर एक ‘ब्लाइंड रॉबरी’ केस को सुलझाते हुए गैंग के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने गंगा राम अस्पताल के पास एक व्यक्ति पर ईंट से हमला कर उसका मोबाइल लूट लिया था। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल इको वैन और लूटा गया आईफोन बरामद कर लिया है।

मध्य जिले के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि 16 फरवरी को शिकायतकर्ता, जो द्वारका से करोल बाग खरीदारी के लिए आया था, ने रिपोर्ट दी कि दो युवकों ने उसे अपनी बातों में फंसाने की कोशिश की। आरोपियों ने खुद को एक कर्मचारी बताकर दावा किया कि उनके पास मालिक के चोरी किए हुए पैसे हैं और उन्हें जमा करने में मदद चाहिए। जब पीड़ित ने उन पर भरोसा नहीं किया और वहां से जाने लगा, तो आरोपियों ने उसे गंगा राम अस्पताल के पास एक जंगली इलाके में धकेल दिया। वहां विरोध करने पर आरोपियों ने उसके सिर पर ईंट से हमला किया और उसका आईफोन छीनकर फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी करोल बाग के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक ‘क्रैक टीम’ गठित की गई, जिसमें एएसआई प्रकाश, हेड कांस्टेबल राजाराम, कांस्टेबल कमलजीत और खुशाल को शामिल किया गया। टीम ने अजमल खान मार्केट से लेकर सोनिया विहार और बवाना तक करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सर्विलांस और करीब 32 किलोमीटर लंबे रूट का विश्लेषण करने पर पुलिस को एक संदिग्ध इको वैन का पता चला। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर दिल्ली कैंट के पास से आरोपियों को उस समय दबोच लिया, जब वे पीतमपुरा इलाके में एक और वारदात की योजना बना रहे थे।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान इबरार उर्फ भूरा (23), सुलेमान उर्फ बाबू (22), आशिक खान (27) और मास्टरमाइंड असलम (34) के रूप में हुई है। ये सभी बवाना की जेजे कॉलोनी के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी कार्यशैली का खुलासा करते हुए बताया कि वे कागज के बंडलों के ऊपर असली ₹500 का नोट लगाकर ‘नकली गड्डी’ तैयार करते थे। वे भोले-भाले लोगों को विश्वास में लेकर कहते थे कि यह चोरी का पैसा है और इसे ठिकाने लगाने के बदले उनसे ऑनलाइन पेमेंट ले लेते थे। इस मामले में जब पीड़ित ने पैसे देने से मना किया, तो उन्होंने उस पर हमला कर मोबाइल लूट लिया। मुख्य आरोपी असलम पहले भी वसंत कुंज, जनकपुरी और आईजीआई एयरपोर्ट जैसे थानों में दर्ज 5 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More