गूगल से कस्टमर केयर नंबर निकालना पड़ा भारी, लिंक क्लिक करते ही हैक हुआ फोन और उड़ गए सवा लाख

फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए फोन हैकिंग के जरिए ठगी करने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए ₹1,17,510/- की ठगी के मामले में मध्य प्रदेश के उज्जैन निवासी आरोपी कन्हैयालाल (30) को धर दबोचा है। शातिर ठगों ने ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट ‘मीशो’ के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर पीड़ित का फोन हैक किया और उसके खाते से बड़ी राशि साफ कर दी थी।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, सेक्टर-9 फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उसने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म ‘मीशो’ से कुछ सामान मंगवाया था, जिसकी डिलीवरी कैंसिल दिखाई दे रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए पीड़ित ने गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया, जिसके बाद उसके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि ऑर्डर में पिन कोड गलत है और इसे ठीक करने के लिए पीड़ित के व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा। जैसे ही पीड़ित ने लिंक पर क्लिक कर ठगों के कहे अनुसार ₹10 का ट्रांजेक्शन किया, उसका फोन हैक हो गया और खाते से ₹1,17,510/- कट गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना बल्लभगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने मनी ट्रेल और तकनीकी साक्ष्यों का पीछा करते हुए पाया कि ठगी की रकम मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित एक खाते में गई है। टीम ने छापेमारी कर आरोपी कन्हैयालाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी कन्हैयालाल इस गिरोह में मुख्य खाताधारक की भूमिका निभा रहा था। उसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी केवल 8वीं पास है और मजदूरी का काम करता है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि पीड़ित के खाते से कटे पैसों में से ₹97,500/- सीधे कन्हैयालाल के खाते में ही क्रेडिट हुए थे। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। फरीदाबाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि गूगल पर मिलने वाले अनजान नंबरों पर भरोसा न करें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक कर अपनी निजी जानकारी साझा न करें।

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