‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 14.27 लाख की ठगी: आतंकी गतिविधि का डर दिखाकर फरीदाबाद के व्यक्ति को लूटा, राजस्थान से ट्यूशन टीचर गिरफ्तार

फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस के साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ और आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का डर दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक अहम सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान के बाड़मेर से आरोपी लखदान को दबोचा है, जो पेशे से एक ट्यूशन टीचर है।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि सेक्टर-37 निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 30 नवंबर 2025 को उसके पास एक अनजान कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पंचकूला पुलिस हेडक्वार्टर का अधिकारी बताया और पीड़ित को डराया कि उसका नाम ‘पहलगाम टेरर एक्टिविटी’ में आया है। ठगों ने उसे गिरफ्तारी का डर दिखाया और कहा कि यदि उसे एंटी टेरर स्क्वाड पुणे से ‘नॉन इन्वॉल्वमेंट सर्टिफिकेट’ नहीं मिला, तो उसे जेल भेज दिया जाएगा।

इसके बाद कॉल को दूसरे ठग के पास ट्रांसफर किया गया, जिसने पीड़ित को बताया कि उसके खाते में हवाला के पैसों का लेन-देन हुआ है। ठगों ने जांच के नाम पर पीड़ित को विश्वास में लिया और फंड को ‘लीगल’ कराने का झांसा देकर उससे 14,27,000 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। ठगों ने वादा किया था कि जांच के बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे, लेकिन पैसे ट्रांसफर होते ही ठगों ने संपर्क तोड़ दिया।

साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने जब खातों की जांच की, तो पता चला कि ठगी की राशि में से 12,27,000 रुपये बाड़मेर निवासी लखदान के खाते में पहुंचे थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को बाड़मेर की राय कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी एक ट्यूशन टीचर है, जिसने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया है ताकि मुख्य ठगों तक पहुंचा जा सके।

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