हिमांशु भाऊ गैंग के नाम पर 10 करोड़ की प्रॉपर्टी हड़पने की कोशिश, एएटीएस ने शातिर रंगदार को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली के नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस के एएटीएस दस्ते ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग का सदस्य बताकर प्रॉपर्टी मालिकों से रंगदारी और धमकी भरे कॉल कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान विकास उर्फ विक्की (32), निवासी नरेला के रूप में हुई है। आरोपी का मकसद अशोक विहार निवासी एक व्यापारी को डरा-धमकाकर रोहिणी सेक्टर-23 स्थित लगभग 10 करोड़ रुपये की बेशकीमती प्रॉपर्टी को अपने नाम करवाना था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया आईफोन भी बरामद कर लिया है।

नॉर्थ-वेस्ट अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि 26 नवंबर को अशोक विहार निवासी रजत गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें अलग-अलग इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबरों से कॉल आ रहे हैं। कॉलर खुद को हिमांशु भाऊ गैंग का सदस्य बताकर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा था और उन पर दबाव बना रहा था कि वे रोहिणी स्थित अपनी प्रॉपर्टी उसके नाम कर दें। इस शिकायत पर अशोक विहार थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एएटीएस इंचार्ज इंस्पेक्टर जितेंद्र तिवारी के नेतृत्व में एसआई रवि सैनी और अन्य पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी विश्लेषण और फील्ड इंटेलिजेंस के दौरान पुलिस को पता चला कि इस प्रॉपर्टी को लेकर बेगमपुर थाने में पहले से ही एक मालिकाना हक का विवाद चल रहा था। इसी विवाद का फायदा उठाकर विकास उर्फ विक्की ने साजिश रची। 4 फरवरी 2026 को पुलिस ने सटीक जानकारी के आधार पर नरेला के बांकर गांव में छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा।

पूछताछ में विकास ने खुलासा किया कि वह विवादित संपत्तियों के कारोबार में शामिल है। जब वह कानूनी तरीके से इस प्रॉपर्टी को हासिल नहीं कर पाया, तो उसने अपने सहयोगी नितिन डबास के साथ मिलकर साजिश रची। उसने दहशत पैदा करने के लिए हिमांशु भाऊ गैंग का नाम इस्तेमाल किया और इंटरनेशनल नंबरों से धमकी भरे कॉल करवाए। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने पहले भी कितने लोगों को इस तरह से निशाना बनाया है।

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