‘एप्स्टीन फाइल्स’ और जनरल नरवणे की किताब पर सियासी घमासान: युवा कांग्रेस ने किया पीएम आवास का घेराव

नई दिल्ली: भारतीय युवा कांग्रेस ने मंगलवार को एप्स्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित नाम आने और पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल एम.एम. नरवणे की किताब में हुए खुलासों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी के खिलाफ राजधानी में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में देश भर से आए हजारों कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की। जंतर-मंतर पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी शामिल हुए, जिन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र की आवाज दबाने और राष्ट्रीय हितों से समझौता करने का आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एप्स्टीन फाइल्स के डर से प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि फाइल्स में प्रधानमंत्री को लेकर जो बातें सामने आई हैं, उससे उनकी छवि पर गहरा खतरा मंडरा रहा है, इसीलिए उन्होंने महीनों से रुकी हुई ट्रेड डील पर आनन-फानन में हस्ताक्षर कर दिए। चिब ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी निजी छवि बचाने के लिए देश की गरिमा और फैसलों को ट्रंप के आगे गिरवी रख दिया है, जिसे देश का युवा बर्दाश्त नहीं करेगा।

प्रदर्शन के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब में चीनी घुसपैठ से जुड़े तथ्यों पर भी चर्चा की गई। उदय भानु चिब ने कहा कि जब चीन भारत पर दबाव बना रहा था, तब प्रधानमंत्री सेना के साथ खड़े होने के बजाय पीछे हट रहे थे। इसी असहज सच्चाई से डरकर सरकार संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाकर विपक्ष की आवाज को खामोश करना चाहती है। प्रदर्शन में राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन, दीपेंद्र सिंह हुड्डा और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने भी शिरकत की और कार्यकर्ताओं में जोश भरा।

जंतर-मंतर से जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े, तो दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तकरीबन 250 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने न केवल पीएम आवास, बल्कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के आवास के बाहर भी प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि सरकार ट्रेड डील, एप्स्टीन फाइल्स और जनरल नरवणे की किताब पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और संसद में विपक्ष को संवैधानिक गरिमा के साथ अपनी बात रखने दे।

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