पिता की फैक्ट्री की आड़ में नशा बेच रहा था बेटा, ANTF ने बिहार में छापेमारी कर ध्वस्त किया काला साम्राज्य

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के ‘नशा मुक्त दिल्ली’ विजन को साकार करने की दिशा में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। क्राइम ब्रांच की टीम ने बिहार के पटना में चल रही एक फर्जी दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जहाँ बड़े पैमाने पर नशीली दवाएं और जानलेवा नकली सिरप बनाए जा रहे थे। इस संगठित अंतरराज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ की गई कार्रवाई में पुलिस ने अब तक कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पटना स्थित इस अवैध कारखाने से भारी मात्रा में दवा बनाने के उपकरण, हजारों लीटर घातक केमिकल और तैयार नशीले सिरप का जखीरा बरामद कर फैक्ट्री को सील कर दिया गया है।

डीसीपी (ANTF) संजीव कुमार यादव ने बताया कि इस बड़े गिरोह के नेटवर्क को ध्वस्त करने की शुरुआत पिछले साल सितंबर में हुई थी। उस समय पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर अनिरुद्ध नामक युवक को दिल्ली के लाजपत नगर से करीब 2 किलो ट्रामाडोल पाउडर के साथ गिरफ्तार किया था। इस गिरफ्तारी के बाद जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो एक बड़े सिंडिकेट का सुराग मिला जो कई राज्यों में नशीली दवाओं का काला कारोबार फैलाए हुए था। इंस्पेक्टर नितेश कुमार और एसीपी सतेंद्र मोहन के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुँचने के लिए हजारों किलोमीटर का सफर तय किया।

जांच के दौरान टीम को पता चला कि 24 वर्षीय मुख्य आरोपी तनिष्क झा पटना में अपने पिता की वैध दवा फैक्ट्री की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाओं का निर्माण कर रहा है। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने पटना के ड्रग विभाग के साथ मिलकर संयुक्त रूप से छापेमारी की। पुलिस ने वहां से हजारों बोतलें नकली सिरप, सैकड़ों लीटर कच्चा केमिकल, कमर्शियल साइज की मिक्सिंग मशीनें और भारी मात्रा में पैकिंग मटेरियल बरामद किया। आरोपी तनिष्क बेहद शातिर तरीके से लोकप्रिय ब्रांड्स के नामों में थोड़ा बदलाव कर नशीले सिरप तैयार करता था और बिना किसी डॉक्टर के पर्चे के इन्हें बाजार में सप्लाई करता था।

क्राइम ब्रांच की इस अंतरराज्यीय कार्रवाई के दौरान पुलिस को आरोपियों तक पहुँचने के लिए कई राज्यों की मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और कई जगह हाई-ऑक्टेन कार चेज भी करनी पड़ी। इस पूरे अभियान के दौरान अब तक 48 किलो से अधिक नशीले केमिकल और दवाएं बरामद की जा चुकी हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। डीसीपी ने बताया कि तनिष्क झा की गिरफ्तारी इस सिंडिकेट के लिए एक बड़ा झटका है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायर्स की पहचान कर रही है ताकि इस अवैध धंधे को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More