BJP के विधायक और मंत्री में ठनी; सैकड़ों प्रधानों के साथ मिलकर स्वतंत्र देव का रोका रास्ता, दोनों पक्षों में हुई झड़प

 

राष्ट्रीय जजमेंट

महोबा: जिले में शुक्रवार को राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल उस समय तेज हो गई, जब युवा उद्घोष कार्यक्रम से लौट रहे कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला बीच रास्ते में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने रोक दिया गया. रामश्री महाविद्यालय के पास बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान और स्थानीय लोग मौजूद थे, जिन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर विरोध जताया. इतना ही नहीं दोनों पक्षों में जमकर नोकझोक हुई. भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा कि रास्ता ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने रोका, जबकि वे स्वयं उनकी बात मंत्री तक पहुंचाने के लिए वहां मौजूद थे. वहीं, मंत्री ने समस्याओं के समाधान के लिए 20 दिन का समय मांगा है.

सड़कों की बदहाली पर भड़के लोगः विरोध कर रहे लोगों और ग्राम प्रधानों ने विधानसभा क्षेत्र की सड़कों की बदहाली को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों और रास्तों की खुदाई कर दी गई. लेकिन न तो समय पर मरम्मत कराई गई और न ही कई गांवों तक पानी की आपूर्ति शुरू हो सकी. इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

प्रशासनिक स्तर पर नहीं हो रही कार्रवाईः झड़प और बहस के बीच कुछ लोग मंत्री से कहते नजर आए कि उनकी जमीनों और मकानों पर कब्जा किया गया है. आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है और वे मजबूरी में अपनी बात रख रहे हैं. प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई न होने के कारण समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. मामला बढ़ता देख मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने लोगों को हटाने की कोशिश की, जिस पर माहौल और तनावपूर्ण हो गया. विरोध कर रहे लोग पुलिस से कहते सुने गए कि “बदतमीजी नहीं करनी है.”

समर्थकों और पुलिस में नोकझोंकः इस दौरान भाजपा विधायक के समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. एक समर्थक ने इंस्पेक्टर से कहा, “आंखें दिखा रहे हो, खा जाओगे क्या?” जवाब में इंस्पेक्टर ने स्थिति संभालने की कोशिश करते हुए कहा, “मंत्री जी हैं भाई.” इस पर समर्थकों ने कहा कि “पूरी बात हो जाएगी, तभी जाएंगे.’ तनावपूर्ण हालात के बीच कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत को अपनी गाड़ी में बैठाकर बातचीत करने का प्रयास किया. हालांकि, विधायक के साथ पहुंचे कुछ समर्थकों की पुलिस इंस्पेक्टर से फिर झड़प हो गई. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बातचीत चल रही है और स्थिति को शांत रखा जाए.

मंत्री बोले- 40 गांवों तक जाने को तैयार हूंः इस दौरान मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि जहां भी शिकायतें हैं, वे स्वयं मौके पर जाकर जांच करेंगे. मंत्री ने कहा कि वे 40 गांवों तक जाने को तैयार हैं और अधिकारियों को साथ लेकर हर जगह हालात देखेंगे. उन्होंने कहा कि यदि कहीं सड़कें खुदी पड़ी मिलीं और पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है तो संबंधित अधिकारियों की लापरवाही मानी जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई, यहां तक कि निलंबन भी किया जाएगा.

पूरा घटनाक्रम महोबा के रामश्री महाविद्यालय के पास का बताया जा रहा है. हालात को देखते हुए सीओ सदर और कोतवाली पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरती और स्थिति को नियंत्रण में लिया. फिलहाल पूरे मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है. इस घटनाक्रम के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है.
पीछे नहीं हटेंगेः चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘हर घर नल योजना’ देश की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे धरातल पर उतारना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है. इस योजना को पूरी तरह लागू कराने के लिए यदि किसी को रोकना पड़े, घेराव करना पड़े या धरना देना पड़े, तो वह पीछे नहीं हटेंगे. जनता ने उन्हें सेवा के लिए चुना है और जनता की समस्याओं का समाधान कराना उनका कर्तव्य है, जिससे वे पीछे नहीं हटेंगे.

सड़कों की खुदाई होने से बढ़ी परेशानीः भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा कि हर घर नल योजना के तहत अपेक्षित कार्य नहीं हुए हैं. कई जगह सड़कें और रास्ते खुदे पड़े हैं, जिससे आमजन का जनजीवन प्रभावित हो रहा है. विधायक ने यह भी कहा कि ग्राम प्रधानों के साथ वे जिलाधिकारी कार्यालय तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी में हैं, ताकि समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सके.

कई गांवों में काम अधूराः विधायक ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन और नमामि गंगे योजना के तहत पिछले करीब छह वर्षों से कार्य चल रहा है, लेकिन अब तक कई गांवों में काम अधूरा है. गांवों में सड़कें खुदी पड़ी हैं, पाइपलाइन में लीकेज है, जलभराव की स्थिति बनी हुई है और कई जगह टंकियां सही स्थिति में नहीं हैं. इन्हीं समस्याओं को लेकर उन्होंने ग्राम प्रधानों के साथ कैबिनेट मंत्री को अवगत कराया.

मंत्री ने 20 दिन का मांगा समयः मंत्री द्वारा समस्याओं के समाधान के लिए 20 दिन का समय मांगा गया है. विधायक ने कहा कि मंत्री ने मौके पर गांवों का निरीक्षण करने और अधिकारियों की लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की बात भी कही थी. लेकिन बाद में निरीक्षण नहीं हो सका और 20 दिन का समय लिया गया. अब यह देखना होगा कि तय समय में काम होता है या नहीं.

बातों से संतुष्ट होने वाला विधायक नहींः बृजभूषण राजपूत ने कहा कि वे बातों से संतुष्ट होने वाले विधायक नहीं हैं. संतुष्टि तभी होगी, जब काम धरातल पर पूरा होगा. यदि तय समय में कार्य नहीं हुआ तो वे ग्राम प्रधानों और जनता के साथ आगे भी आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे और आवश्यकता पड़ी तो लखनऊ तक जाएंगे. अपने व्यवहार को लेकर उठे सवालों पर विधायक ने कहा कि यदि किसी को उनका रवैया अच्छा नहीं लगा हो तो वह क्षमा चाहते हैं, लेकिन जनता के हित में आवाज उठाना अनुशासनहीनता नहीं है. उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में कई बार उठाया है, पत्राचार भी किया है, लेकिन इसके बावजूद काम पूरा नहीं हुआ. ऐसे में सवाल यह है कि गलती उनकी है या काम न करने वाले अधिकारियों की. विधायक ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार के खिलाफ नहीं है, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारना है. जब तक जनता को उसका हक नहीं मिलेगा, तब तक वे संघर्ष करते रहेंगे.

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