आतंकवादी गतिविधियों का डर दिखाकर किया ‘डिजिटल अरेस्ट’, गुजरात से ठग गिरफ्तार

फरीदाबाद : साइबर थाना एनआईटी की टीम ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए फरीदाबाद के एक व्यक्ति से करीब 8 लाख 93 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी परमार भावेश हरखाभाई गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले का रहने वाला है। ठगों ने पीड़ित को आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त होने का डर दिखाकर और फर्जी सरकारी ऐप डाउनलोड करवाकर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि एनआईटी फरीदाबाद के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 9 नवंबर 2025 को उसके व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पंजाब पुलिस का इंस्पेक्टर बताया। आरोपी ने डराते हुए कहा कि पीड़ित का आधार कार्ड आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल हुआ है। ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित और उसकी पत्नी को घर से बाहर न निकलने की धमकी देकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया।

अगले दिन 10 नवंबर को ठगों ने पीड़ित को एटीएस (ATS) का फर्जी लोगो लगा हुआ एक ऐप डाउनलोड करने के लिए मजबूर किया। डर के कारण पीड़ित ने उस ऐप में अपने बैंक खाते की पूरी जानकारी भर दी। इसके बाद ठगों ने आरटीजीएस के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजैक्शन में कुल 8,93,000 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

साइबर थाना एनआईटी की टीम ने तकनीकी जांच के बाद गुजरात से आरोपी परमार भावेश को दबोच लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पेशे से कारपेंटर है और उसने लालच में आकर अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। ठगी की पूरी राशि इसी के खाते में आई थी। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी ऐप बनाने वालों का सुराग लगाया जा सके।

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