बरेली मजिस्ट्रेट के इस्तीफे से BJP में बगावत! लखनऊ के 11 पदाधिकारियों का इस्तीफा-LIST

राष्ट्रीय जजमेंट

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को प्रोत्साहित करने के नियम-2026’ को लेकर देशभर में विरोध की लहर उठ रही है।
इस विवाद की शुरुआत उत्तर प्रदेश के बरेली से हुई, जहां सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने नियमों के विरोध में इस्तीफा दे दिया।

अब यह चिंगारी लखनऊ पहुंच गई है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 11 पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया है। ये पदाधिकारी बख्शी का तालाब विधानसभा क्षेत्र के कुम्हरावां मंडल से हैं। इस्तीफे में उन्होंने UGC नियमों को ‘सामान्य वर्ग के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़’ बताया है। आइए इस पूरे विवाद को विस्तार से समझते हैं – क्या है UGC का नया नियम, इस्तीफों की वजह और इसका राजनीतिक असर…

What Is UGC Rule, Why Opposed: UGC का नया नियम क्या है और क्यों हो रहा विरोध?

UGC ने 2026 में ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को प्रोत्साहित करने के नियम’ जारी किए हैं। इन नियमों का मकसद विश्वविद्यालयों में आरक्षण और समानता को बढ़ावा देना है, लेकिन विरोधी इसे ‘सामान्य वर्ग’ के खिलाफ बताते हैं। मुख्य विवाद बिंदु:-

नियमों में सामान्य वर्ग के छात्रों को ‘स्वघोषित अपराधी’ जैसा माना गया है, जिससे फर्जी शिकायतों के जरिए उनका शोषण हो सकता है।
विरोधी कहते हैं कि यह हिंदू समाज को बांटने और ‘डिवाइड एंड रूल’ नीति की तरह काम कर रहा है।
ब्राह्मण और सामान्य वर्ग के संगठन इसे अपने हितों के खिलाफ मानते हैं।
यह नियम उच्च शिक्षा में समावेशी नीतियों को मजबूत करने का दावा करता है, लेकिन सामान्य वर्ग के लोगों में असंतोष फैल रहा है।

Bareilly City Magistrate Alankar Agnihotri Resign:बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा

विवाद की शुरुआत बरेली से हुई। 2019 बैच के PCS अधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने UGC नियमों और प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों के साथ कथित मारपीट के विरोध में इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 5 पेज की चिट्ठी में लिखा:-

UGC नियम सामान्य वर्ग के छात्रों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, कायस्थ, भूमिहार) के खिलाफ हैं।
माघ मेले में बटुक ब्राह्मणों की चोटी पकड़कर घसीटना और अपमान ब्राह्मण समाज का अपमान है।
सरकार ब्राह्मणों और साधु-संतों के खिलाफ काम कर रही है।
सामान्य वर्ग के हितों की रक्षा के लिए अलग राजनीतिक व्यवस्था की जरूरत है।
अलंकार ने खुद को ब्राह्मण बताते हुए कहा कि वे इन मुद्दों से इतने आहत हैं कि पद छोड़ रहे हैं। उनके इस्तीफे ने सामान्य वर्ग में असंतोष की लहर पैदा कर दी।

Lucknow 11 BJP Members Quit Full List: लखनऊ में BJP में बगावत: 11 पदाधिकारियों का सामूहिक रिजाइन

बरेली की चिंगारी अब लखनऊ पहुंच गई है। बख्शी का तालाब विधानसभा क्षेत्र के कुम्हरावां मंडल के 11 BJP पदाधिकारियों ने UGC नियमों के विरोध में सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा जिला अध्यक्ष विजय मौर्या को सौंपा गया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस्तीफा देने वाले पदाधिकारी:-

अंकित तिवारी (मंडल महामंत्री)
आलोक सिंह (मंडल उपाध्यक्ष)
महावीर सिंह (मंडल मंत्री)
मोहित मिश्रा (शक्ति केंद्र संयोजक)
वेद प्रकाश सिंह (शक्ति केंद्र संयोजक)
नीरज पांडेय (शक्ति केंद्र संयोजक)
अनूप सिंह (युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष)
राज विक्रम सिंह (युवा मोर्चा मंडल महामंत्री)
अभिषेक अवस्थी (पूर्व मंडल मंत्री)
विवेक सिंह (बूथ अध्यक्ष)
कमल सिंह (पूर्व सेक्टर संयोजक)
अंकित तिवारी ने कहा:- ‘पार्टी प्रेरणा स्रोत पंडित दीन दयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उद्देश्यों से भटक रही है। UGC कानून से हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। इसलिए हम अपने पदों से त्यागपत्र दे रहे हैं और पार्टी के किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।’

BJP का रिएक्शन: जिलाध्यक्ष ने क्या कहा?

लखनऊ BJP जिलाध्यक्ष विजय मौर्या (Lucknow BJP District President Vijay Maurya) ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस्तीफा का पत्र प्रसारित हो रहा है, लेकिन उन्हें आधिकारिक रूप से अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है। यह सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है कि क्या यह बगावत पार्टी में आंतरिक कलह की शुरुआत है?

UGC Rules Controversy Reason: UGC नियमों का विवाद: क्या है असल मुद्दा?

UGC के नियम 2026 उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने का दावा करते हैं, लेकिन विरोधी इसे सामान्य वर्ग के खिलाफ बताते हैं। मुख्य आरोप:

सामान्य वर्ग के छात्रों को ‘स्वघोषित अपराधी’ जैसा माना गया है।
फर्जी शिकायतों से सामान्य वर्ग की छात्राओं का शोषण हो सकता है।
यह हिंदू समाज को बांटने की कोशिश है।
विरोधी संगठन और सामान्य वर्ग के लोग इसे ब्राह्मण और अन्य जातियों के खिलाफ मानते हैं।

राजनीतिक असर: क्या BJP में फैलेगा असंतोष?

यह इस्तीफा BJP के लिए बड़ा झटका हो सकता है। सामान्य वर्ग और ब्राह्मण समुदाय में पहले से असंतोष है। अगर यह चिंगारी फैली तो यूपी की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो सकता है। पार्टी में आंतरिक कलह की आशंका बढ़ गई है।

यह घटना दिखाती है कि UGC नियमों का विरोध अब सड़क से लेकर सत्ता के गलियारों तक पहुंच गया है। क्या सरकार इन नियमों पर पुनर्विचार करेगी? फिलहाल विवाद गहराता जा रहा है।

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