फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आर.बी.आई (RBI) कर्मचारी बनकर करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने इस मामले में दिल्ली के एक ज्वैलर को गिरफ्तार किया है, जिसने ठगी की रकम खपाने के लिए अपनी फर्म का बैंक खाता उपलब्ध कराया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए विभिन्न बैंक खातों में ठगी के 30 लाख रुपये होल्ड करा दिए हैं। पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम अभिषेक जोरवाल के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई के दौरान आरोपी अमित शकुजा (51) निवासी टैगोर गार्डन, वेस्ट दिल्ली को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि सेक्टर-29 निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बीती 6 दिसंबर को उसके पास एक कॉल आया। कॉलर ने खुद को एयरटेल हेडक्वार्टर गुरुग्राम का कर्मचारी बताकर वाई-फाई कनेक्शन काटने का डर दिखाया। इसके तुरंत बाद उसे व्हाट्सऐप पर एक अन्य कॉल आया, जिसने खुद को आर.बी.आई. अधिकारी बताया। ठग ने शिकायतकर्ता को झांसा दिया कि उसके खातों में मौजूद एफ.डी. के पैसे की जांच होनी है और सुरक्षा के नाम पर उसे आर.बी.आई. पोर्टल के बताए खातों में पैसा ट्रांसफर करना होगा। डर के मारे पीड़ित ने आरटीजीएस के जरिए कुल 1,90,78,699/- रुपये ठगों के बताए खातों में भेज दिए।
साइबर थाना सेंट्रल की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी अमित शकुजा वेस्ट दिल्ली में ज्वेलरी की दुकान चलाता है और बी.ए. पास है। उसने ‘वी.एस ज्वैलर्स’ के नाम से अपनी फर्म का बैंक खाता साइबर ठगों को मुहैया कराया था। जांच में पता चला कि आरोपी के खाते में ठगी की रकम से 10 लाख 10 हजार रुपये आए थे। पुलिस ने इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालते हुए अब तक 30 लाख रुपये की राशि फ्रीज करवा दी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने ठगों को अपने खाते उपलब्ध कराए हैं और इस सिंडिकेट के पीछे और कौन-कौन से मुख्य सरगना शामिल हैं।
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