‘चाइनीज मांझे’ पर सिर्फ नोटिस नहीं, सख्त एक्शन चाहिए, बिक्री रोकने के लिए बने ‘स्पेशल सेल’, लोकसभा में आवाज उठाएंगे बिधूड़ी

नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने राजधानी में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की धड़ल्ले से हो रही बिक्री और इससे होने वाले हादसों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मांग की है कि इस प्रतिबंध को महज कागजों तक सीमित न रखकर सख्ती से जमीन पर लागू किया जाए। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सांसद बिधूड़ी ने प्रशासन और पुलिस को एक ‘विशेष सेल’ गठित करने का सुझाव दिया है, ताकि इस जानलेवा मांझे के नेटवर्क को तोड़ा जा सके। साथ ही, वे इस मामले को संसद में नियम-377 के अंतर्गत भी प्रमुखता से उठाएंगे।

सांसद बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने आज ही नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। कानूनन इसकी बिक्री पर 5 साल की कैद या एक लाख रुपये जुर्माना, या दोनों सजाएं हो सकती हैं। इसके बावजूद बाजारों में यह मांझा चोरी-छिपे बिक रहा है और लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जो प्रशासन की सुस्ती पर सवाल खड़े करता है।

सांसद ने इस मांझे की बनावट और खतरे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चाइनीज मांझा नायलॉन या सिंथेटिक फाइबर से बना होता है, जिस पर कांच का बारीक चूरा, केमिकल और गोंद का लेप चढ़ाया जाता है। यह इतना धारदार होता है कि हवा में लहराते वक्त सड़क से गुजरने वाले बाइक, स्कूटर और साइकिल सवारों के लिए यह ‘मौत का फंदा’ बन जाता है। कई लोग अपनी गर्दन कटने से जान गंवा चुके हैं। वहीं, आकाश में उड़ने वाले बेजुबान पक्षी भी इसकी चपेट में आकर अपने पंख, पैर या गर्दन गंवा बैठते हैं।

बिधूड़ी ने जोर देकर कहा कि त्योहारों और पतंगबाजी के सीजन में इस घातक मांझे का प्रयोग बढ़ जाता है। ऐसे में सभी सरकारों को इस ओर विशेष ध्यान देने और कोताही न बरतने की जरूरत है, ताकि किसी निर्दोष की जान न जाए।

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