रेलवे कॉलोनियों को निशाना बनाने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, गुलाबी बाग पुलिस ने तीन शातिर सेंधमारों को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली की उत्तर जिला पुलिस ने रेलवे कॉलोनियों में बंद घरों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय सेंधमार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना गुलाबी बाग की टीम ने अंधा मुगल चौकी पुलिस के साथ मिलकर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी से गुलाबी बाग और हजरत निजामुद्दीन इलाके में हुई चोरी की दो बड़ी वारदातों को सुलझा लिया गया है। पुलिस ने इनके पास से 50 हजार रुपये नकद, भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर, कनाडाई डॉलर और वारदात में इस्तेमाल वैगनआर कार बरामद की है।

उत्तर जिला के डीसीपी राजा बंठिया ने बताया कि 14 जनवरी को किशनगंज रेलवे कॉलोनी में एक घर का ताला तोड़कर बड़ी चोरी की सूचना मिली थी। शिकायतकर्ता कृष्ण देव ने बताया कि उनके घर से 1 लाख रुपये नकद, जेवरात और विदेशी मुद्रा चोरी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी अनिल कुमार के मार्गदर्शन और एसएचओ संदीप कुमार के नेतृत्व में एसआई योगेश कुमार (चौकी प्रभारी अंधा मुगल) और एसआई प्रशांत की एक विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध वैगनआर कार दिखाई दी, जिसका नंबर प्लेट आधा मिटा हुआ था। पुलिस ने परिवहन विभाग की मदद से इस नंबर सीरीज की 30 से अधिक कारों का विश्लेषण किया और आखिरकार कार नंबर की पहचान कर ली, जो उत्तर प्रदेश के बदायूँ के अवधेश कुमार के नाम दर्ज थी।

तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी जंगपुरा रेलवे कॉलोनी में किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। पुलिस ने 16 जनवरी को वहां जाल बिछाया और वैगनआर कार सहित तीन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान भूरे उर्फ संजीव (33), अरुण राठौर (26) और निशांत (26) के रूप में हुई है। ये सभी यूपी के बदायूँ जिले के एक ही गांव के रहने वाले हैं।

डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि मास्टरमाइंड भूरे पर पहले से ही चोरी और झपटमारी के 21 मामले दर्ज हैं। आरोपी निशांत, जो कि ग्रेजुएट है, अपने पिता की वैगनआर कार का इस्तेमाल वारदातों के लिए करता था। ये लोग सुबह के समय रेलवे कॉलोनियों की रेकी करते थे, क्योंकि इन्हें पता था कि रेलवे कर्मचारी सुबह ड्यूटी पर चले जाते हैं और घर खाली रहते हैं। घर पूरी तरह लॉक होने की पुष्टि के बाद ये औजारों से ताला तोड़कर हाथ साफ कर देते थे। आरोपियों की निशानदेही पर सुल्तानपुरी और मंडोली स्थित उनके ठिकानों से चोरी का शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है।

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