फर्जी क्रिप्टो ऐप का पर्दाफाश, साइबर सेल ने पंजाब से गिरफ्तार किया मास्टरमाइंड, 31.75 लाख की ठगी का खुलासा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है, जो फर्जी क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ‘बिटबैंक’ के जरिए लोगों को ठग रहा था। इस मामले में पंजाब के लुधियाना से एक आरोपी नितिन शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित से 31.75 लाख रुपये की ठगी की गई थी। आरोपी के पास से हाई-टेक मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें फ्रॉड के सबूत मिले।

पीड़ित की शिकायत पर साउथ वेस्ट साइबर थाने में केस दर्ज हुआ। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने पहले फेसबुक पर संपर्क किया और फिर व्हाट्सऐप पर बिटबैंक का एक्जीक्यू

टिव बनकर पीड़ित को फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए उकसाया। ऊंचे रिटर्न का लालच देकर शेयर और आईपीओ अलॉटमेंट के बहाने बड़ी रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली। जांच क्राइमब्रांच साइबर सेल को सौंपी गई।

डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर शिव राम की अगुवाई में एसआई प्रमोद कुमार, एएसआई सत्यपाल सिंह और कांस्टेबल श्री राम की टीम गठित की गई। एसीपी अनिल शर्मा के पर्यवेक्षण में टीम ने बहुस्तरीय रणनीति अपनाई। सीसीटीवी फुटेज से 10 लाख रुपये नकद निकालते हुए नितिन शर्मा की पहचान हुई। लुधियाना से गिरफ्तार नितिन के मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप चैट, ट्रांजेक्शन डिटेल्स और डिजिटल सबूत बरामद हुए। जांच में पता चला कि फ्रॉड में इस्तेमाल कई व्हाट्सऐप नंबर कंबोडिया से सक्रिय थे, जो साइबरक्राइम के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश करता है।

डीसीपी ने बताया नितिन शर्मा (42 वर्ष), लुधियाना, पंजाब का रहने वाला। ग्रेजुएट है और अनाज मंडी में स्थानीय बिजनेस करता है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर लोगों को लूट रहा था। साइबर सेल की टीम अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।

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