INS विक्रांत पर बोले राजनाथ सिंह, अपनी शर्तों पर किया सीजफायर, पाक ने गलती की तो फिर लेंगे एक्शन

राष्ट्रीय जजमेंट

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस विक्रांत पर सवार हुए। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज मुझे INS विक्रांत पर अपने नौसैनिकों के बीच आकर बहुत खुशी हो रही है। जब मैं भारत की समुद्री शक्ति के गौरव INS विक्रांत पर खड़ा होता हूँ, तो मुझे खुशी के साथ-साथ गर्व और विश्वास भी होता है कि जब तक देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा आपके मजबूत हाथों में है, तब तक कोई भी भारत को शक की नज़र से नहीं देख सकता। विक्रांत का मतलब है – अदम्य साहस, और अजेय शक्ति… आपकी आँखों में जो दृढ़ संकल्प है, वही भारत की असली ताकत को दर्शाता है।ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए राजनाथ ने कहा कि भारत अब सहन नहीं करता, जवाब देता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने गलती की तो फिर एक्शन लेंगे। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए बधाई देता हूं। पहलगाम में कायराना आतंकी हमले के बाद जब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया, तो जिस गति, गहराई और स्पष्टता के साथ हमारे सशस्त्र बलों ने कार्रवाई की, वो अद्भुत थी। इससे न सिर्फ आतंकियों को बल्कि उनके सरपरस्तों को भी साफ संदेश गया कि भारत अब बर्दाश्त नहीं करता, भारत अब मुंहतोड़ जवाब देता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारा हमला इतना जोरदार था कि पाकिस्तान दुनिया से भारत को रोकने की गुहार लगाने लगा। हमने अपनी शर्तों पर अपनी सैन्य कार्रवाइयों को रोका। इस पूरे एकीकृत ऑपरेशन में नौसेना की भूमिका गौरवशाली रही है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब वायुसेना ने पाकिस्तान की धरती पर मौजूद आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, तो अरब सागर में आपकी तैनाती, बेजोड़ समुद्री क्षेत्र की जानकारी और समुद्री वर्चस्व ने पाकिस्तानी नौसेना को अपने तटों तक ही सीमित कर दिया। वो खुले समुद्र में आने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाए। उन्होंने कहा कि समुद्र में तैनात हमारे पश्चिमी बेड़े के जहाजों ने आतंकवादी हमले के 96 घंटों के भीतर पश्चिमी और पूर्वी तट पर सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और टॉरपीडो के कई सफल हमले किए, जो हमारे प्लेटफार्मों, प्रणालियों और चालक दल की युद्ध तत्परता को दर्शाता है। इन लंबी दूरी के सटीक हमलों ने दुश्मन के खिलाफ हमारी मंशा और तत्परता को भी प्रदर्शित किया और दुश्मन को रक्षात्मक मुद्रा में आने के लिए मजबूर होना पड़ा। आपकी मजबूत तैयारी ने पहले ही दुश्मन के मनोबल को तोड़ दिया है। राजनाथ ने साफ तौर पर कहा कि आपकी तैयारी ही पाकिस्तान के लिए काफी थी। आपको कार्रवाई करने की भी जरूरत नहीं पड़ी; दुश्मन आपकी तैयारी से ही दंग रह गया। पाकिस्तान को न केवल भारतीय नौसेना की जबरदस्त ताकत, इसकी सैन्य कौशल और विध्वंसक क्षमताओं का एहसास था, बल्कि वे इससे डरते भी थे।

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