रणवीर इलाहाबादिया के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे चंद्रचूड़, फिर भी सीजेआई ने दिया बड़ा झटका

राष्ट्रीय जजमेंट

सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर रणवीर इलाहाबादिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कई एफआईआर को एक साथ जोड़ने की मांग की। ये एफआईआर उनके विवादित बयान को लेकर दर्ज की गई हैं, जो उन्होंने यूट्यूब शो में कही थी। सीजेआई संजीव खन्ना ने अपील पर कहा कि मामले को जल्द सूचीबद्ध करेंगे। सीजेआई खन्ना ने कहा कि इस याचिका के लिए पहले ही एक तारीख निधर्धारित की जा चुकी है। यह अगले दो-तीन दिनों में सुनवाई के लिए आएगा। सुप्रीम कोर्ट से अरजेंट हियरिंग की दरख्वास्त की गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ओर से साफ कहा गया कि इसमें ऐसा कुछ नहीं है कि अरजेंट हियरिंग हो। फिलहाल उनकी ओर से पेटीशन दाखिल कर दी गई है। एक दो दिन में इसे लिस्ट किया जाएगा। फिर इसकी तारीख तय होगी कि कब इसकी सुनवाई होगी। इन सब में एक दिलचस्प पहलू सामने आया जो चर्चा का विषय बना। रणबीर इलाहबादिया का केस पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ के बेटे अभिनव चंद्रचूड़ लड़ रहे हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं, सुप्रीम कोर्ट में भी वो अपियर होते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से डॉ. अभिनव चंद्रचूड़ ने चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अगुवाई वाली बेंच के सामने वह मामला उठाया और कहा कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई याचिका है। अभिनव चंद्रचूड़ ने असम पुलिस की ओर से कठोर कार्रवाई की आशंका जताई। सीजेआई ने यह स्पष्ट किया कि यह मौखिक रूप से मामले की सुनवाई की अनुमति नहीं देते हैं वल्कि पहले से तय तारीख के अनुसार ही सुनवाई होगी।विवाद तब शुरू हुआ जन इलाहाबादिया ने कॉमेडियन समय रैना के यूट्यूव शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में एक कंटेस्टेंट से आपत्तिजनक सवाल पूछा था। इस टिप्पणी के कारण सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश फैल गया, जिसके वाद महाराष्ट्र पुलिस और असम पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इस विवाद के बाद, रणवीर इलाहावादिया ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा था कि मेरी टिप्पणी सिर्फ अनुचित ही नहीं भी, बल्कि यह मजाकिया भी नहीं थी। कॉमेही मेरी ताकत नहीं है। मैं बस माफी मांगने आया हूं। गुवाहाटी में सोमवार को शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें अश्लीलता को वढ़ावा देने वाला बताया गया। महाराष्ट्र साइबर सेल ने आईटी एक्ट में मामला दर्ज किया है। वहीं महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने अश्लील फार्यक्रमों की जांच का निर्देश दिया।अभिनव चंद्रचूड़ बॉम्बे हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले एक मशहूर वकील हैं. उन्होंने स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल से डॉक्टर ऑफ द साइंस ऑफ लॉ (जेएसडी) और मास्टर ऑफ द साइंस ऑफ लॉ (जेएसएम) की डिग्री हासिल की है, जहां वे फ्रैंकलिन फैमिली स्कॉलर थे। अपनी कानूनी प्रैक्टिस के अलावा चंद्रचूड़ ने संवैधानिक कानून, न्यायिक प्रक्रियाओं और भारत में कानूनी इतिहास पर कई किताबें भी लिखी हैं। कानूनी मामलों में उनकी विशेषज्ञता ने उन्हें कानूनी बिरादरी में एक मजबूत चेहरा माना जाता है।

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