आगरा में सिकंदरा से ताज पूर्वी गेट तक प्रस्तावित पहले मेट्रो कॉरिडोर के लिए पीएसी मैदान में डिपो तैयार हो गया है। 112 करोड़ रुपये की लागत से करीब नौ हेक्टेयर में बने डिपो में 16 टेस्टिंग ट्रैक बिछाए गए हैं। ट्रायल के लिए पहला ट्रेन सेट आगरा आ गया है।
यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार ने विधि विधान से पूजा की। इसके बाद मेट्रो रेल डिपो में पहली मेट्रो ट्रेन को उतारा गया। आगरा मेट्रो सरकार की मेक इन इंडिया पहल और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन के तहत गुजरात के सावली (वड़ोदरा) में बनाई गई है। शुरुआत में आगरा मेट्रो के लिए कुल 28 और प्रायोरिटी कॉरिडोर के लिए 6 ट्रेनें होंगी। आगरा मेट्रो परियोजना के लिए मेट्रो ट्रेन पीले रंग की है और ये अति आधुनिक तकनीक और निर्बाध डिजाइन से लैस है। इसका स्वरूप 8 अगस्त 2022 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अनावरण किया गया था।
ट्रेनों का प्रबंधन और संचालन विश्व स्तरीय आगरा मेट्रो डिपो से किया जाएगा और स्वचालित सीबीटीसी मोड (संचार आधारित ट्रेन नियंत्रण) में संचालित किया जाएगा, जिससे ट्रेन संचालन बिल्कुल सुरक्षित और कुशल हो जाएगा।
इसमें 974 यात्री सफर कर सकेंगे। इनकी रफ्तार 80-90 किमी प्रति घंटा तक होगी। ये आधुनिक फायर और क्रैश सेफ्टी युक्त डिजाइन की गई हैं। 24 सीसीटीवी कैमरों से घटना का बचाव करने में सहायता मिलेगी। इनकी फुटेज ट्रेन आपरेटर और डिपो में बने सिक्योरिटी रूम में पहुंचेगी। 56 यूएसबी चार्जिंग प्वाइंट और 36 एलसीडी पैनल्स भी होंगे। टाक बैक बटन की सुविधा भी दी गई है, जिससे इमरजेंसी कंडीशन में यात्री ट्रेन आपरेटर से बात कर सकें।
वायु प्रदूषण कम करने को ट्रेनों में मार्डन प्रापल्सन सिस्टम होगा। ट्रेनों को रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से लैस किया गया है, ताकि ब्रेक लगाने से उत्सर्जित 45 फीसद ऊर्जा को फिर इस्तेमाल किया जा सके। ट्रेनों में कार्बनडाईआक्साइड सेंसर आधारित एयर कंडीशनिंग सिस्टम भी दिया गया है, जो ट्रेन में मौजूद यात्रियों की संख्या के हिसाब से चलेगा और ऊर्जा की बचत करेगा। मेट्रो का बुनियादी ढांचा बेहतर और सुंदर दिखाई दे इसके लिए मेट्रो ट्रेनें तीसरी रेल से ऊर्जा प्राप्त करेंगी, ताकि इसमें खंभों और तारों के सेटअप की आवश्यकता न पड़े।
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