25 रूपए महंगा होने से डीजल के थोक उपभोक्ताओं की बढ़ी मुश्किले

राष्ट्रीय जजमेंट न्यूज़ 

संवाददता 

दिल्ली ! साल 2008 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बिक्री घटकर ‘शून्य’ पर आने के बाद अपने सभी 1,432 पेट्रोल पंप बंद कर दिए थे। सूत्रों के मुताबिक, कुछ यही स्थिति आज भी बन रही है। थोक उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से खरीदारी कर रहे हैं। इससे इन रिटेलरों का घाटा बढ़ रहा है।

रूस- यूक्रेन जंग का असर कच्चे तेल पर पड़ना शुरू हो गया है। इसका असर डीजल पर हुआ है। डीजल के दामों में अचानक से 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। यह इजाफा थोक उपभोक्ताओं के लिए हुआ है। इसके बाद से खुदरा पंप बंद होने की आशंका गहराने लगी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 40 प्रतिशत के उछाल के बाद दाम में यह इलाफा किया गया है। हालांकि, पेट्रोल पंपों के जरिये बेचे जाने वाले डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव अभी तक नहीं किया गया है।
इस महीने पेट्रोल पंपों की बिक्री में 20 प्रतिशत का उछाल आया है।

बड़े-बड़े मॉल, व ट्रांसपोर्टस जैसे थोक उपभोक्ताओं ने पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदा है। आमतौर पर वे पेट्रोलियम कंपनियों से सीधे ईंधन की खरीद करते हैं। इससे ईंधन की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनियों का नुकसान बढ़ा है। इसमें सबसे अधिक प्रभावित नायरा एनर्जी, जियो-बीपी और शेल जैसी कंपनियां हुई हैं। बिक्री बढ़ने के बावजूद इन कंपनियों ने अभी तक मात्रा में कमी नहीं की है। लेकिन अब पंपों के लिए परिचालन आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं रह जाएगा। जानकारों के मुताबिक, 136 दिन से ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है जिसकी वजह से कंपनियों के लिए इन दरों पर अधिक ईंधन बेचने के बजाय पेट्रोल पंपों को बंद करना अधिक व्यावहारिक विकल्प होगा।

1,432 पेट्रोल पंप हुए बंद 

साल 2008 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बिक्री घटकर ‘शून्य’ पर आने के बाद अपने सभी 1,432 पेट्रोल पंप बंद कर दिए थे। सूत्रों के मुताबिक, कुछ यही स्थिति आज भी बन रही है।थोक उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से खरीदारी कर रहे हैं। इससे इन रिटेलरों का घाटा बढ़ रहा है। मुंबई में थोक उपभोक्ताओं के लिए डीजल का दाम बढ़कर 122.05 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोल पंपों पर डीजल 94.14 रुपये प्रति लीटर के भाव बिक रहा है। इसी तरह दिल्ली में पेट्रोल पपों पर डीजल 86.67 रुपये प्रति लीटर है जबकि थोक या औद्योगिक ग्राहकों के लिए इसकी कीमत 115 रुपये प्रति लीटर है।
सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों ने चार नवंबर, 2021 से पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए हैं।

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