उत्तर प्रदेश भाजपा के 172 नामों की पहली सूची आज

कांग्रेस और रालोद-सपा की एक-एक सूची आने के बाद अब भाजपा की पहली सूची भी तैयार है। उम्मीद की जा रही है कि करीब 172 नामों की पहली सूची शनिवार दोपहर तक पार्टी की ओर से जारी कर दी जाएगी। खास बात ये है कि विधान परिषद के बजाय इस बार CM योगी आदित्यनाथ विधानसभा के जरिए सत्ता तक जाने की जुगत में दिखेंगे। उनका अयोध्या से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है।

डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य अपनी परंपरागत सीट सिराथू से रण में उतरेंगे। हालांकि, इस सूची के सभी नाम CM योगी आदित्यनाथ की पसंद के नहीं हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी हाईकमान ने कुछ सीटों पर उनकी राय को दरकिनार कर अपने स्तर पर प्रत्याशी फाइनल किए हैं। पहली सूची में योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के अलावा बाकी सभी नाम पहले और दूसरे चरण की सीटों के प्रत्याशियों के होंगे। CM योगी और डिप्टी CM मौर्य दोनों की ही सीटों पर चुनाव पांचवें चरण में होना है।

दिल्ली में चुनाव समिति व पार्टी हाईकमान की बैठक में प्रत्याशियों की लिस्ट फाइनल की गई है। इस प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान कुछ सीटों पर CM योगी आदित्यनाथ और हाईकमान एकमत नहीं थे। मगर CM योगी की मर्जी के विपरीत कुछ सीटों पर नाम तय किए गए।

कैराना में आमने-सामने होंगे धुर विरोधीकैराना से सपा अपने मौजूदा विधायक नाहिद हसन को टिकट दे चुकी है। नाहिद हसन पर उन अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगता रहा है जिनकी वजह से यहां पलायन हुआ था। जबकि, भाजपा पलायन का मुद्दा उठाने वाले सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृंगाका सिंह को ही यहां से टिकट देने वाली है। यानी, यहां पलायन के मुद्दे पर धुर विरोधी रहे दोनों पक्ष चुनाव में आमने-सामने होंगे।

इस सूची में पार्टी के वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह का भी नाम होगा। पार्टी उन्हें नोएडा से टिकट देने वाली है। इसके अलावा कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह को भी अतरौली से टिकट दिया जा रहा है।

योगी अयोध्या से लड़ेंगे, मथुरा में श्रीकांत की सीट सुरक्षितचुनाव के शुरुआती दिनों से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि CM योगी आदित्यनाथ मथुरा, अयोध्या या गोरखपुर सदर से चुनाव लड़ सकते हैं। उनके मथुरा से लड़ने की स्थिति में राज्य सरकार में मंत्री श्रीकांत शर्मा को अपनी सीट छोड़नी पड़ती। मगर योगी के अयोध्या से उतरने की वजह से उनका मथुरा से लड़ना तय माना जा रहा है। गोरखपुर, योगी आदित्यनाथ का गढ़ माना जाता है। इसी वजह से पार्टी उन्हें अयोध्या से उतारना चाहती है, ताकि पूरे राज्य में एक सकारात्मक संदेश जाए।

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