जम्मू कश्मीर में क्या चुनाव कराने की तैयारी में है केंद्र सरकार

पाँच अगस्त 2019 को विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करने और दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजन के बाद अब ऐसे अनुमान लगाए जा रहे हैं कि केंद्र की मोदी सरकार भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने को लेकर तैयारी शुरू करने जा रही है.इसका अंदाज़ा कई मीडिया रिपोर्ट के हवाले से लगाया जा रहा है. शुक्रवार को समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक अधिकारी के हवाले से इसके लेकर ट्वीट भी किया.

पीटीआई ने लिखा, जून समाप्त होने से पहले केंद्र सरकार जम्मू और कश्मीर की सभी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ चर्चा चाह रही है ताकि राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए. इसके तहत केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी शामिल हैं.”हालांकि, उन्होंने यह बताया कि उन्हें यह नहीं मालूम है कि मुख्यधारा की सभी पार्टियों को इस बैठक में बुलाया गया है या नहीं.

बीबीसी के सहयोगी पत्रकार माजिद जहांगीर ने बताया है कि महबूबा मुफ़्ती ने स्थानीय अख़बारों से भी मुलाक़ात के निमंत्रण की पुष्टि की है, वहीं जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के प्रवक्ता ने भी मुलाक़ात का निमंत्रण मिलने की बात कही है.जम्मू-कश्मीर में ज़िला विकास परिषद  के चुनावों के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि विधानसभा चुनावों की तैयारियां भी जल्द शुरू होंगी लेकिन यह कब तक होगी इसको लेकर संशय था.

लेकिन अब बैठक की ख़बर सामने आने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव की सीटों के परिसीमन आदि की चर्चा के लिए पहले पार्टियों के साथ चर्चा कर लेना चाहती है.श्रीनगर से माजिद जहांगीर ने बताया कि यह एक तरह से जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक ख़ामोशी को तोड़ने की कोशिश है और साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश जाएगा कि कश्मीर में चीज़ें सामान्य हैं.

उनका कहना है कि केंद्र सरकार स्थानीय नेताओं को साथ लेकर ही इन प्रक्रियाओं को शुरू करना चाहती है क्योंकि उनके बग़ैर राजनीतिक प्रक्रियाओं की बहाली संभव नहीं है.बीते सप्ताह गुपकार गठबंधन की बैठक के बाद नेशनल कॉन्फ़्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा था कि वे केंद्र के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं.

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