लखनऊ : जनेश्वर मिश्र पार्क को और आकर्षक व सुविधाजनक बनाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण को 11 करोड़ की सौगात

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बीच राजधानी लखनऊ वासियों के लिए अच्छी खबर है। अब जनेश्वर मिश्र पार्क को घुमने के लिए पर्यटकों को ज्यादा पैदल नहीं चलना पड़ेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) करीब 11 करोड़ रुपए की लागत से पार्क में ट्वाय ट्रेन चलाएगा। इसके अलावा पर्यटक की संख्या बढ़ाने के लिए यहां नियमित तौर पर लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। यह पार्क 370 एकड़ में फैला है। ऐसे में यहां पैदल चलना बहुत मुश्किल हो जा रहा था। लोग एक बार में पूरा पार्क नहीं देख पाते थें।

जनेश्वर मिश्र पार्क बोर्ड की पांचवीं बैठक में यह फैसला लिया गया है। बारिश के बाद ठंड का मौसम शुरू होता है। तब पार्क में प्रतिदिन आने वालों की संख्या कई बार एक लाख से भी ज्यादा होती है। ऐसे में उनको राहत मिलेगी। बोर्ड बैठक में शामिल अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही टेंडर प्रक्रियां कर यह काम शुरू कर दिया जाएगा।

पटरियां बिछाकर संचालन का जिम्मा एलडीए के पास

एलडीए सचिव पवन गंगवार ने बताया कि ट्वाय ट्रेन भारत सरकार की तरफ से मुहैया कराई जाएगी, जबकि पार्क में पटरियां बिछाकर इसके संचालन का जिम्मा एलडीए उठाएगा। ट्रेन को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। हालांकि अभी तक लेजर शो का थीम तय नहीं है। अभी तक की तैयारी के अनुसार देशभक्ति और आध्यात्मिक थीम पर ही शो होगा।

20 हजार पौधे लागए जाएंगे

इस दौरान यहां 20 हजार पौधे लागए जाएंगे। इसमें 15 हजार फलदार वृक्ष हैं। उद्यान अधिकारी अवनींद्र सिंह के मुताबिक, 40 प्रजाति के फलदार वृक्ष लगाए जाएंगे। इन प्रजातियों का चयन इस तरह किया गया है ताकि साल के हर महीने में कोई न कोई फल लगा रहे। इससे पार्क में पक्षियों की आमद बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही पार्क के बेहतर रखरखाव के लिए इसे दो हिस्सों में बांटकर आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए संचालन किया जाएगा।

पुरानी बदहाल योजना पर अधिकारी मौन

यहां पर्यटक के लिए पहले से कई अच्छी योजनाएं है। जो फिलहाल बर्बाद हो चुकी हैं। उनको लेकर अधिकारियों ने कोई बात नहीं की है। इसपर कोई सामने आकर बोलने से भी बच रहा है। यहां करोड़ों की लागत से गंडोला बोट मंगायी गई थी। पिछली सरकार में पार्क का लोकार्पण हुआ था। उस वक्त छह गंडोला बोटें आयी थीं। मौजूदा समय एक भी गंडोला बोट इस लायक नहीं है कि उसमें बैठकर झील का भ्रमण किया जा सके। पार्क में जगह जगह रखी गई गई कुर्सियां भी टूट चुकी।

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