डोमिनिका में हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को अदालत की तरफ से बड़ा झटका, चोकसी को भारत लाने की तैयारी तेज

आर जे न्यूज़

डोमिनिका की जेल में बंद भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को वहां की अदालत से बड़ा झटका लगा है। डोमिनिका की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी चोकसी के देश में अवैध प्रवेश के मामले में उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। बता दें कि पिछले दिनों मेहुल चोकसी एंटीगुआ से लापता होकर डोमिनिका में पकड़ा गया था।

पंजाब नेशनल बैंक से 13,500 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में आरोपी चोकसी जनवरी 2018 से ही भारत से भागने के बाद एंटीगा और बारबुडा में रह रहा है। पिछले दिनों उसे डोमिनिका पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया था, कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले में चोकसी के वकील ने कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया।

कोर्ट के फैसले के बाद मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने बताया कि जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उसके वकील ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल को एंटीगुआ के जॉली हार्बर से अगवा कर उसे करीब 100 नॉटिकल मील दूर एक नौका से डोमिनिका ले जाया गया।

एंटीगुआ भेजने पर कोर्ट ने लगाई रोक
पिछले दिनों बताया गया था कि भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी को डोमिनिका से एंटीगुआ भेजने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है, लेकिन डोमिनिका कोर्ट ने इसपर रोक लगा दी। कोर्ट ने साफ कर दिया कि अगली सुनवाई तक मेहुल को कहीं नहीं भेजा जाएगा। इससे पहले डोमिनिका सरकार ने कहा था कि वो मेहुल चोकसी को भारत के बजाय एंटीगुआ भेजेगी।

बीते दिनों मेहुल चोकसी की कुछ तस्वीरें भी सामने आई थीं, जिसमें चोकसी जेल के भीतर खड़ा दिख रहा था। मेहुल चोकसी की आंखें सूजी हुई थी और उसके हाथ पर चोट के निशान भी दिख रहे थे। उसके वकील ने पुलिस पर मारपीट का आरोप भी लगाया था। उसके बाद चोकसी की पत्नी ने भी पिटाई करने का आरोप लगाया था।

बता दें कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत लाने की तैयारी भी जोरों पर चल रही है। डोमिनिका पुलिस और भारतीय जांच एजेंसियां लगातार संपर्क में है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चोकसी को लाने के लिए सीबीआई और ईडी की टीम डोमिनिका पहुंच चुकी है। कागजी कार्रवाई के बाद उसे भारत लाया जा सकता है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More