टीके की कमी हो रही है तो क्या हम खुद को फांसी पर लटका लें? – सदानंद गौड़ा

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने बृहस्पतिवार को जानना चाहा कि क्या सरकार में बैठे लोगों को टीके के उत्पादन में नाकामी की वजह से खुद को फांसी पर लटका लेना चाहिए? गौड़ा ने यहां पत्रकारों से कहा कि अदालत ने अच्छी मंशा से कहा है कि देश में सबको टीका लगवाना चाहिए। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि अगर अदालत कल कहती है कि आपको इतने (टीके) देने हैं और यह अगर न बन पाए, तो क्या हमें खुद को फांसी पर लटका लेना चाहिए ?

टीके की किल्लत के सवालों पर केंद्रीय मंत्री ने सरकार की कार्यवाही एवं योजना पर जोर  दिया कहा कि इसके निर्णय किसी भी राजनीतिक लाभ या किसी अन्य कारण से निर्देशित नहीं होते हैं गौड़ा ने कहा कि सरकार अपना काम पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करती आ रही है

उस दौरान कुछ खामियां भी सामने आई हैं मंत्री ने जानना चाहा कि व्यावहारिक रूप से कुछ चीजें जो हमारे नियंत्रण से परे  हैं क्या हम उनका प्रबंधन कर सकते हैं उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ काम कर रही है और जल्द ही चीजें नियंत्रण में होंगी

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More