जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए शतरंज की नई चाल चलते नेता

आर जे न्यूज़-

सुल्तानपुर जिला पंचायत चुनाव मे अभी कुछ समय बाकी हैं लेकिन अभी से ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिये चक्रव्यू की रचना राजनीति के दिग्गज महारथी अपनी अपनी राजनीतिक़ विशात बिछाने मे लग गये हैं सुल्तानपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिये लड़ाई इसौली के पूर्व विधायक व ब्लॉक प्रमुख सोनू सिंह /मोनू सिंह से हैं जिन्होंने अपनी बहन अर्चना सिंह न केवल जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मैदान मे उतारा हैं ब्लाकी अर्चना सिंह क़ो जिताने के लिये एड़ी चोटी का जोर लगा रखा हैं |

पिछले कई दसको से परिवार जिले और प्रदेश की राजनीति के केंद्र मे रहा हैं अर्चना सिंह क़ो आगे कर इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्ज़ा करने की सोची समझी रणनीति हैं जिनका सीधा मुकाबला जिले के समाज सेवक बीजेपी के कददावर नेता शिवकुमार सिंह की पत्नी निवर्तमान जिला अध्यक्ष उषा सिंह से जिन्होंने पिछले जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव मे किसी की एक नहीं चलने दी सुल्तानपुर जिले मे तेजी से उभरता नाम हैं |

समाज सेवक शिवकुमार सिंह जिनकी पकड़ हर जाति वर्ग मे हैं यही कारण हैं जिले मे चुनाव लड़ रहे ज्यादा तर प्रत्याशी समाज सेवक शिवकुमार सिंह की पत्नी उषा सिंह क़ो एक बार फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का प्रबल दावेदार मान रहे हैं लेकिन इस राजनीतिक महाभारत मे कुछ और भी योद्धा हैं जो बाजी पलटने की तक मे हैं जिसमे पूर्व केंद्रीय मन्त्री बिनोद सिंह अपनी बेटी पलक सिँह क़ो जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिये अंदर खाने से नई चाल चल रहे हैं ये वही पलक सिंह हैं जिन्होंने लॉकडाउन मे समाज सेवा करती नजर आयी थी |

लेकिन नजर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर थी तो वही बीजेपी से विधायक देवमणि दुबे अपनी पत्नी रेखा दुबे क़ो राजनीति मे लाने और सुल्तानपुर जिला पंचायत अध्यक्ष बंनाने का सपना देख रहे बीजेपी मे ही नहीं | केंद्र की राजनीति मे भी पकड़ रखने वाले नेता हैं बीजेपी विधायक देवमणि दुबे लेकिन सूत्र बताते हैं इतना आसान नहीं हैं शिव कुमार सिंह से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी छीनना ये बात तो तय हैं समाज सेवक शिवकुमार सिंह क़ो अर्चना सिंह पूर्व विधायक व ब्लॉक प्रमुख सोनू सिंह मोनू सिंह से ही नहीं लड़ना बल्कि कई और हैं जो इस महाभारत मे उनके खिलाफ हैं उन्हें महाभारत का अर्जुन बनना होगा अभिमन्यु नहीं देखना ये हैं कौन चक्रव्यूह क़ो तोड़ पता हैं

मुकेश दुबे की रिपोर्ट

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