पंजाबी बाग में 5 लाख रुपये की झपटमारी का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी समेत तीन दबोचे, 2.15 लाख रुपये और पल्सर बाइक बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के वेस्ट जिले की मादीपुर पुलिस चौकी (पंजाबी बाग थाना) टीम ने स्ट्रीट क्राइम और लूटपाट की वारदातों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए 5 लाख रुपये की सनसनीखेज कैश झपटमारी का महज कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य झपटमार और शातिर अपराधी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ आसु (26), सुनील कश्यप (39) और मोहम्मद मोनीश (31) के रूप में हुई है। इनमें से आरोपी मोहम्मद मोनीश आउटर जिले के रन्होला थाने का घोषित बैड कैरेक्टर है और वह पहले भी लूट और झपटमारी के कई मामलों में शामिल रहा है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से झपटमारी के 2.15 लाख रुपये कैश और वारदात में इस्तेमाल की गई एक पल्सर बरामद की है। इस त्वरित कार्रवाई से पंजाबी बाग थाने में दर्ज झपटमारी के एक गंभीर मामले का सफल खुलासा हुआ है।

वेस्ट जिले के डीसीपी दराड़े शरद भास्कर ने बताया कि 10 मई को मादीपुर के एक निवासी की शिकायत पर पंजाबी बाग थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पश्चिम विहार एक्सटेंशन में एक किराए के मकान में काम करता है। उसके मकान मालिक नंद किशोर ने उसे वेस्ट पंजाबी बाग की एसएस कॉलोनी में रहने वाले परवीन नामक व्यक्ति को 5 लाख रुपये कैश देने के लिए भेजा था। जब वह तय पते पर पहुंचा और परवीन की पत्नी सरिता से संपर्क कर रहा था, तभी अचानक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो अज्ञात बदमाशों ने उसके हाथ से रुपयों का बंडल झपट लिया और फरार हो गए। शिकायतकर्ता ने उनका पीछा भी किया, लेकिन वे भागने में सफल रहे।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पंजाबी बाग के एसीपी जय प्रकाश और एसएचओ इंस्पेक्टर संजय दहिया के करीबी पर्यवेक्षण में मादीपुर चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर मुकेश यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर शिवपाल, हेड कांस्टेबल अमित छिकारा, सनी, कांस्टेबल नाफे, मनजीत और विकास शामिल थे। जांच टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया और तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया।

सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान हेड कांस्टेबल अमित छिकारा ने एक संदिग्ध सुनील कश्यप की पहचान की। इसके बाद पुख्ता गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर सुनील कश्यप को धर दबोचा। गहन पूछताछ में सुनील ने कबूल किया कि उसने मोहम्मद मोनीश, ऋतिक उर्फ गोलू, आसिफ उर्फ आसु और भूरा के साथ मिलकर इस पूरी झपटमारी की साजिश रची थी। इन लोगों को पहले से ही नंद किशोर के कैश मूवमेंट की जानकारी थी और इन्होंने शिकायतकर्ता के रास्ते की बकायदा रेकी की थी।

योजना के मुताबिक, 10 मई को ऋतिक, आसिफ और भूरा मौके पर पहुंचे और वारदात को अंजाम देकर कैश आपस में बांट लिया। सुनील कश्यप की निशानदेही पर पुलिस ने मोहम्मद मोनीश को दबोचा। इसके बाद 19 मई को पुलिस टीम ने विकासपुरी इलाके में छापा मारकर मुख्य आरोपी मोहम्मद आसिफ उर्फ आसु को भी गिरफ्तार कर लिया। आसिफ की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक और छीने गए रुपयों में से 2.15 लाख रुपये कैश बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस अब इस मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों ऋतिक उर्फ गोलू और भूरा की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।

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