स्पेशल स्टाफ ने “काकू गैंग” के सक्रिय सदस्य को दबोचा; चोरी के 3 मोबाइल फोन बरामद, 14 मामलों में शामिल था शातिर अपराधी

नई दिल्ली: दिल्ली के साउथ जिले की स्पेशल स्टाफ पुलिस टीम ने संगठित स्ट्रीट क्राइम और झपटमारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात “काकू गैंग” के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोपाल उर्फ काकू (28) के रूप में हुई है, जो अंबेडकर नगर, दिल्ली का रहने वाला है। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को उस समय दबोचा जब वह चोरी के मोबाइल फोन ठिकाने लगाने की फिराक में था। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से विभिन्न इलाकों से लूटे व चोरी किए गए 3 महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने साकेत और मैदान गढ़ी थानों में दर्ज मोबाइल चोरी और झपटमारी के 3 गंभीर मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है।

साउथ जिले के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि दक्षिण दिल्ली के इलाकों में मोबाइल चोरी और झपटमारी करने वाले संगठित गिरोहों पर नकेल कसने के लिए स्पेशल स्टाफ को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके तहत एडिशनल डीसीपी (ऑपरेशंस) अरविंद कुमार के पर्यवेक्षण और स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर अनुज कुमार के नेतृत्व में एक समर्पित टीम का गठन किया गया। इस विशेष टीम में एएसआई दुष्यंत कुमार, हेड कांस्टेबल नरेंद्र कुमार, यशपाल, संतवीर सिंह, कांस्टेबल महेंद्र और सुरेंद्र शामिल थे। यह टीम लगातार तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय मुखबिरों के माध्यम से सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

जांच के दौरान 19 मई को स्पेशल स्टाफ को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि कुख्यात “काकू गैंग” का सक्रिय सदस्य गोपाल उर्फ काकू चोरी के मोबाइल फोन बेचने के इरादे से दक्षिणापुरी के ब्लॉक-5 स्थित धोबी घाट के पास आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए मौके पर रणनीतिक रूप से जाल बिछा दिया। जैसे ही संदिग्ध आरोपी वहां पहुंचा, अलर्ट पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे मौके पर ही घेरकर धर दबोचा। शुरुआती तलाशी में उसके पास से 3 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनकी जांच करने पर पता चला कि वे साकेत और मैदान गढ़ी थानों से चोरी व स्नैच किए गए थे।

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी गोपाल उर्फ काकू ने कबूल किया कि वह “काकू गैंग” का सक्रिय सदस्य है और अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में राहगीरों और यात्रियों को निशाना बनाता था। झपटमारी और चोरी के बाद ये लोग पकड़े जाने से बचने के लिए तुरंत अपने रिसीवर और अन्य सहयोगियों के माध्यम से मोबाइलों को सस्ते दामों में बेच देते थे। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि आरोपी एक आदतन और शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से ही लोधी कॉलोनी, अंबेडकर नगर, हौज खास, मालवीय नगर और आर.के. पुरम थानों में चोरी, झपटमारी, चोरी की संपत्ति रखने और आर्म्स एक्ट के तहत 14 संगीन मामले दर्ज हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि गैंग के अन्य सदस्यों और चोरी के मोबाइल खरीदने वाले रिसीवर्स के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।

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