इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से उड़ाता था लग्जरी गाड़ियां, शाहदरा एएटीएस ने दबोचा शातिर ऑटो लिफ्टर, 4 चोरी की कारें बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा जिले की एएटीएस टीम ने संगठित वाहन चोरी और अंतरराज्यीय कार चोर गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक बेहद शातिर और कुख्यात ऑटो लिफ्टर को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान शादाब (35 वर्ष) निवासी जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के कब्जे और निशानदेही पर चोरी की 4 आलीशान गाड़ियां—जिसमें तीन मारुति ब्रेजा और एक मारुति बलेनो कार शामिल हैं, बरामद की हैं। इस बड़ी गिरफ्तारी से पुलिस ने दिल्ली के साउथ-ईस्ट, ईस्ट और शाहदरा जिलों के अलग-अलग थानों में दर्ज वाहन चोरी के 4 मामलों का सफल खुलासा किया है। इसके साथ ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में फैले कार चोरी और उसे खपाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भी पर्दाफाश हुआ है।

शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि जिले में चार पहिया वाहनों की चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए एएटीएस को विशेष जिम्मा सौंपा गया था। इसके लिए एएटीएस के इंचार्ज इंस्पेक्टर प्रतीक सक्सेना के नेतृत्व में एक समर्पित टीम का गठन किया गया, जिसमें हेड कांस्टेबल निशांत, हेड कांस्टेबल नीरज, हेड कांस्टेबल रोहित, हेड कांस्टेबल अनुज, हेड कांस्टेबल योगेंद्र और कांस्टेबल शुभम को शामिल किया गया। यह पूरा ऑपरेशन एसीपी (ऑपरेशंस) मोहिंदर सिंह के करीबी पर्यवेक्षण में चलाया गया।

जांच के दौरान, 6 मई को पुलिस टीम को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि दिल्ली-एनसीआर में कार चोरी की कई वारदातों को अंजाम देने वाला एक नामी चोर चोरी की सफेद रंग की मारुति ब्रेजा कार में सवार होकर हसनपुर डिपो वाले रास्ते से शाहदरा की तरफ आने वाला है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एएटीएस टीम ने कड़कड़ी मोड़ फ्लाईओवर के पास रणनीतिक नाकाबंदी की। कुछ ही समय बाद मुखबिर के इशारे पर सफेद रंग की ब्रेजा कार को रोककर चालक को काबू किया गया, जिसकी पहचान शादाब के रूप में हुई। शुरुआती जांच में ही कार के चोरी की होने की पुष्टि हो गई, जिसके बाद आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस रिमांड के दौरान और थाने लाकर की गई गहन पूछताछ में आरोपी शादाब ने वाहन चोरी की कई वारदातों को स्वीकार किया। उसने खुलासा किया कि वह दिल्ली-एनसीआर से चुराई गई गाड़ियों को उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के अपने साथियों को बेचता था। उसने अपने तीन मुख्य सहयोगियों के नामों का भी खुलासा किया, जिनमें डॉ. वाहिद (निवासी हापुड़, यूपी), शमीम उर्फ पिल्ला (निवासी मेरठ, यूपी) और वसीम कुरैशी (निवासी हैदराबाद, तेलंगाना) शामिल हैं, जो चोरी के वाहनों को ठिकाने लगाने और उन्हें दूसरे राज्यों में ट्रांसफर करने का काम करते हैं। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने तीन अन्य गाड़ियां भी बरामद कीं। इस तरह पुलिस ने कुल 4 कारें जब्त की हैं, जिनमें गोविंदपुरी थाने से चोरी हुई सफेद ब्रेजा, प्रीत विहार थाने से चोरी हुई लाल ब्रेजा, जगतपुरी थाने से चोरी हुई सफेद ब्रेजा और विवेक विहार थाने से चोरी हुई ग्रे रंग की बलेनो कार शामिल है।

आरोपी शादाब का तरीका यह था कि वह पूरी तरह अनपढ़ है और शॉर्टकट से पैसे कमाने के चक्कर में अपराधियों की संगति में आ गया था। वह लग्जरी कारों को चुराने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करता था। चोरी करने के तुरंत बाद वह गाड़ी की नंबर प्लेट बदल देता था या हटा देता था, ताकि पुलिस की नजरों से बच सके। कई बार वह चोरी की गई गाड़ी का इस्तेमाल दूसरी कार चोरी करने के लिए भी करता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शादाब एक आदतन और कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न थानों में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट, हत्या का प्रयास और गैंगस्टर एक्ट के तहत कुल 16 संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें से अकेले 7 मामले दिल्ली के हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है। पुलिस अब सिंडिकेट के बाकी सदस्यों और रिसीवरों को गिरफ्तार करने के लिए यूपी और हैदराबाद में छापेमारी कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। मामले की आगे की जांच जारी है।

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