ई-रिक्शा में जेब काटने वाले यूपी के ‘वीरू-पृथ्वी’ गैंग का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार, चोरी की नकदी और मोटरसाइकिल बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के नॉर्थ जिले की बाड़ा हिंदू राव थाना पुलिस टीम ने ई-रिक्शा और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जेब तराशी करने वाले एक बेहद शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से आकर दिल्ली में वारदातों को अंजाम देने वाले तीन पेशेवर चोरों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वीरू (45 वर्ष) पुत्र बटूराम, वीरू (37 वर्ष) पुत्र जयचंद और पृथ्वी राज (42 वर्ष), सभी निवासी भोगांव, मैनपुरी, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से चोरी किए गए पैसों में से 46,000 रुपये की नगद राशि और वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। इस कार्रवाई से पुलिस ने बाड़ा हिंदू राव थाने में दर्ज चोरी के एक मामले का सफल खुलासा किया है।

नॉर्थ जिले के डीसीपी राजा बंठिया ने बताया कि 30 अप्रैल को पंजाब के पटियाला निवासी गंगा महतो ने बाड़ा हिंदू राव थाने में एक ई-एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि वह प्रताप नगर मेट्रो स्टेशन से सदर बाजार जाने के लिए एक ई-रिक्शा में सवार हुआ था। रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति भी उसी ई-रिक्शा में बैठ गया। जब ई-रिक्शा बहादुरगढ़ रोड स्थित बीएसएस ऑफिस के पास पहुंचा, तो वह अज्ञात व्यक्ति अचानक ई-रिक्शा से उतरकर भाग गया। कुछ देर बाद जब पीड़ित ने जांच की, तो उसकी जेब से 56,000 रुपये गायब थे। इस शिकायत पर बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।

वारदात को सुलझाने के लिए सदर बाजार सब-डिवीजन की एसीपी विदुषी कौशिक के मार्गदर्शन और बाड़ा हिंदू राव थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर संजीत कुमार, एएसआई रमेश, एएसआई सतीश, हेड कांस्टेबल रविंदर, हेड कांस्टेबल दीपक और हेड कांस्टेबल सत्येंद्र को शामिल किया गया।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने प्रताप नगर मेट्रो स्टेशन से लेकर बहादुरगढ़ रोड तक के पूरे रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। फुटेज में सफेद रंग की एक मोटरसाइकिल पर सवार दो लोग ई-रिक्शा का पीछा करते हुए दिखाई दिए, लेकिन चालाकी दिखाते हुए आरोपियों ने मोटरसाइकिल का आखिरी नंबर मिटा रखा था। वारदात के तुरंत बाद ई-रिक्शा से उतरा तीसरा व्यक्ति भी उसी मोटरसाइकिल पर बैठकर भागता हुआ नजर आया। पुलिस टीम ने हार न मानते हुए मिटे हुए नंबर की जगह 0 से 9 तक के अंकों का इस्तेमाल कर परिवहन विभाग के रिकॉर्ड से कुल 10 दोपहिया वाहनों की सूची निकाली। जांच में केवल एक ही सफेद रंग की मोटरसाइकिल मिली, जो यूपी के मैनपुरी निवासी वीरू पुत्र बटूराम के नाम दर्ज थी।

पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 मई को मैनपुरी में दबिश दी और आरोपी वीरू पुत्र बटूराम को धर दबोचा। उसके घर से चोरी के 30,000 रुपये बरामद हुए। पूछताछ में उसने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने 7 महीने पहले यह मोटरसाइकिल वीरू पुत्र जयचंद को बेच दी थी, लेकिन कागजात ट्रांसफर नहीं हुए थे। इसके बाद, 12 मई को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पुल मिठाई इलाके में घेराबंदी कर बाकी के दोनों आरोपियों वीरू पुत्र जयचंद और पृथ्वी राज को भी उसी मोटरसाइकिल के साथ दबोच लिया। इनके पास से बचे हुए 16,000 रुपये बरामद किए गए।

गहन पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले हैं और हर 6-7 दिनों के अंतराल पर सुबह-सुबह अपनी मोटरसाइकिल से दिल्ली आते थे। उनका मुख्य उद्देश्य चलती ई-रिक्शों में नकदी या कीमती सामान ले जाने वाले यात्रियों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को निशाना बनाना था। वारदात को अंजाम देकर बड़ी रकम उड़ाने के बाद वे उसी दिन वापस अपने गांव लौट जाते थे। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल का आखिरी नंबर जानबूझकर हटा दिया था।

वारदात वाले दिन योजना के मुताबिक आरोपी पृथ्वी राज प्रताप नगर मेट्रो स्टेशन से पीड़ित के ई-रिक्शा में सवार हुआ था, जबकि बाकी दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से पीछे-पीछे चल रहे थे। पृथ्वी ने बड़ी सफाई से पीड़ित की जेब से पैसे उड़ाए और बीएसईएस ऑफिस के पास उतर गया, जहां से तीनों मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। बाद में उन्होंने आपस में पैसे बांट लिए और अधिकांश रकम शराब पीने और अपनी बुरी आदतों में खर्च कर दी। रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी वीरू पुत्र जयचंद पिछले 10 साल से अपराध में सक्रिय है और बाड़ा हिंदू राव थाने के दो मामलों में शामिल रहा है, जबकि पृथ्वी राज पिछले 11 साल से चोरी की वारदातों में शामिल है और उसके खिलाफ सराय रोहिल्ला तथा कोतवाली थानों में तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनसे आगे की पूछताछ कर रही है।

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