कुत्ते पर लोहे की रॉड से हमले का आरोप, बेजुबान ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, महिला एनजीओ कार्यकर्ता ने थाने के बाहर गार्ड को पीटा

नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर थाना क्षेत्र में एक आवारा कुत्ते की मौत को लेकर जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि जे-ब्लॉक स्थित कीर्ति नगर में एक सुरक्षाकर्मी ने कुत्ते पर लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित होकर एक महिला पशु अधिकार कार्यकर्ता ने पुलिस थाने के बाहर ही सुरक्षाकर्मी की पिटाई कर दी। रमेश नगर निवासी तरुण घई की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, घायल गार्ड की ओर से मारपीट को लेकर फिलहाल कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन पुलिस दोनों पक्षों के दावों और घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल कर रही है।

घटना का सिलसिला 7 मई की शाम को शुरू हुआ, जब कीर्ति नगर के जे-ब्लॉक में तैनात गार्ड विनोद पासवान ने कथित तौर पर एक आवारा कुत्ते पर लोहे की रॉड से हमला किया था। शिकायतकर्ता तरुण घई के अनुसार, हमले में कुत्ता बुरी तरह लहूलुहान हो गया था। उसे तुरंत एक निजी पशु चिकित्सक के पास ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए नजफगढ़ भेजा गया, जहां उपचार के दौरान बेजुबान ने दम तोड़ दिया। पुलिस का कहना है कि अभी तक संबंधित अस्पताल की ओर से कुत्ते की मौत के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, जिसके मिलने के बाद कानूनी कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाएगा।

इसी बीच, शनिवार शाम को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब जसमीत कौर नामक एक एनिमल एक्टिविस्ट ने कीर्ति नगर थाने के बाहर ही आरोपी गार्ड की पिटाई कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला कार्यकर्ता कुत्ते पर हुए हमले से बेहद गुस्से में थी और उसने पुलिस की मौजूदगी में ही गार्ड पर हाथ उठा दिया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। गार्ड ने अपनी पिटाई को लेकर अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी है, लेकिन पुलिस अनुशासन बनाए रखने के लिए मामले पर नजर बनाए हुए है।

कीर्ति नगर थाना पुलिस के अनुसार, कुत्ते की मौत के मामले में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गार्ड ने कुत्ते पर हमला किन परिस्थितियों में किया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है, चाहे वह रक्षक हो या कार्यकर्ता। दोनों ही मामलों में निष्पक्ष जांच कर उचित विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

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