भीड़भाड़ वाले इलाकों में झपट्टा मारकर मोबाइल उड़ाने वाले ‘दैग्गी गैंग’ का पर्दाफाश, दो शातिर सदस्य गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के दक्षिण जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने संगठित स्ट्रीट क्राइम के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात ‘दैग्गी गैंग’ से जुड़े मोबाइल चोरी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान शिवम उर्फ अट्टू (26 वर्ष) और समीर खान उर्फ रोहन (25 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से वीवो, ओप्पो और सैमसंग गैलेक्सी जैसे विभिन्न कंपनियों के 4 चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी से पुलिस ने कोटला मुबारकपुर, नेब सराय, अंबेडकर नगर और हौज खास थानों में दर्ज मोबाइल चोरी के 4 मामलों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है।

दक्षिण जिले के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि सड़क पर होने वाले अपराधों और मोबाइल स्नेचिंग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए स्पेशल स्टाफ को विशेष निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में एडिशनल डीसीपी ऑपरेशंस अरविंद कुमार के मार्गदर्शन और स्पेशल स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर अनुज कुमार के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई नवीन, हेड कांस्टेबल यशपाल, संतवीर, नरेंद्र, कांस्टेबल महेंद्र और अंकित शामिल थे। टीम को 5 मई को गुप्त सूचना मिली थी कि ‘दैग्गी गैंग’ के दो सक्रिय सदस्य चोरी के मोबाइल फोन बेचने के लिए पुष्प विहार सेक्टर-4 स्थित मछली बाजार के पास आने वाले हैं।

तैयार की गई रणनीति के अनुसार, पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर जाल बिछाया और शाम करीब 7:30 बजे मुखबिर के इशारे पर दोनों संदिग्धों की पहचान की। पुलिस टीम को देखते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने संक्षिप्त पीछा करने के बाद दोनों को सफलतापूर्वक दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 4 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनके संबंध में जांच करने पर पता चला कि वे दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से चोरी किए गए थे। इस संबंध में साकेत थाने में बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे ‘दैग्गी गैंग’ के सक्रिय सदस्य हैं और एक संगठित मॉड्यूल के तहत काम करते हैं। उनका काम करने का तरीका बेहद शातिर था। वे अक्सर भीड़भाड़ वाले बाजारों, बस स्टैंडों, मेट्रो स्टेशनों और व्यस्त सार्वजनिक क्षेत्रों में घूमते रहते थे और आसान शिकार की पहचान करते थे। मोबाइल छीनने या चोरी करने के तुरंत बाद, वे पकड़े जाने के डर से और तकनीकी सर्विलांस से बचने के लिए इन फोन को स्थानीय रिसीवर्स को बेहद कम दामों पर बेच देते थे ताकि चोरी का माल जल्द से जल्द ठिकाने लगाया जा सके।

पकड़े गए आरोपियों के प्रोफाइल के अनुसार, शिवम उर्फ अट्टू एक आदतन अपराधी है और उस पर मालवीय नगर, हौज खास, साकेत, डिफेंस कॉलोनी और ग्रेटर कैलाश जैसे थानों में चोरी, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट के 16 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं, दूसरे आरोपी समीर खान के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के मोबाइल खरीदने वाले रिसीवर्स की पहचान कर उन्हें भी कानून के दायरे में लाया जा सके। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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