घर बैठे कमाई का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़: साइबर पुलिस ने राजस्थान से आरोपी दबोचा

नई दिल्ली: मध्य दिल्ली जिले के थाना साइबर की पुलिस टीम ने “वर्क फ्रॉम होम” के नाम पर मासूम नौकरी चाहने वालों को ठगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजस्थान के करौली जिले से एक 20 वर्षीय छात्र को गिरफ्तार किया है, जो वेटरनरी साइंस की पढ़ाई कर रहा है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनूज मीणा के रूप में हुई है। यह गिरोह इंस्टाग्राम पर फर्जी विज्ञापन चलाकर युवाओं को ‘हैंडराइटिंग वर्क’ के नाम पर ठगता था।

सेंट्रल जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि 29 अप्रैल को सीताराम बाजार निवासी एक व्यक्ति ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट देखी थी, जो घर बैठे काम देने का दावा कर रही थी। ठगों ने पीड़ित को रजिस्ट्रेशन फीस, मटेरियल चार्ज, जीएसटी और अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर किस्तों में पैसे देने के लिए मजबूर किया। यही नहीं, ठगों ने ‘पेमेंट फेल’ होने का बहाना बनाकर और महज 0.71 रुपये जैसी छोटी रकम पेंडिंग दिखाकर पीड़ित पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया, जिससे उसने कुल 34,509 रुपये गंवा दिए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर योगराज दलाल के नेतृत्व में एसआई गौरव सिंह, हेड कांस्टेबल क्रांति, हीरा लाल और कांस्टेबल धर्मेंद्र की एक टीम गठित की गई। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस ने वित्तीय लेनदेन का पीछा किया, जो फेमपे के एक यूपीआई आईडी तक पहुंचा। डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए दिल्ली पुलिस की टीम राजस्थान के करौली पहुंची और 1 मई को अनूज मीणा को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पता चला कि अनूज राजस्थान के नोहर स्थित पशुपालन अनुसंधान केंद्र में वेटरनरी साइंस का छात्र है। उसने खुलासा किया कि उसने अपने साथी गणेश शर्मा उर्फ गोलू के साथ मिलकर यह सेटअप तैयार किया था। वे मेटा को पैसे देकर अपने फर्जी पेज का विज्ञापन बूस्ट करते थे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उनके जाल में फंसें। अनूज ठगी के लिए सिम कार्ड उपलब्ध कराता था और अपने बैंक खातों में ठगी की रकम प्राप्त करता था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के बैंक खाते से जुड़ी एक और शिकायत गुजरात के सूरत से भी मिली है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और वित्तीय लेनदेन के डिजिटल सबूत जब्त कर लिए हैं। फिलहाल पुलिस फरार सह-आरोपी गणेश शर्मा की तलाश में छापेमारी कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मॉड्यूल ने देश भर में और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। इस कार्रवाई से साइबर ठगों के अंतरराज्यीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

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