एएटीएस ने टीकरी में छापेमारी कर 3 किलो गांजे के साथ सप्लायर को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली: बाहरी दिल्ली जिले के एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड ने नशा तस्करों के विरुद्ध अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए एक शातिर ड्रग सप्लायर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनोज कुमार (42), निवासी नंग्ली विहार एक्सटेंशन के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 3 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पकड़ा गया आरोपी पहले भी आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसे चार गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है।

बाहरी जिले के डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि 2 मई को एएटीएस के एएसआई मंजीत को एक पुख्ता सूचना मिली थी कि नंग्ली विहार का रहने वाला एक व्यक्ति टीकरी (थाना मुंडका) स्थित गीतांजलि एन्क्लेव के एक कमरे में गांजा छिपाकर रखता है और वह वहां आने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसीपी ऑपरेशंस वीरेंद्र दलाल के पर्यवेक्षण और एएटीएस इंचार्ज इंस्पेक्टर विक्रम सांगवान के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एएसआई मंजीत, हेड कांस्टेबल ललित और कांस्टेबल प्रीतम शामिल थे।

पुलिस टीम ने मुखबिर के साथ बताए गए स्थान पर जाल बिछाया और रणनीतिक रूप से छापेमारी की। पुलिस ने मौके से संदिग्ध मनोज कुमार को सफलतापूर्वक दबोच लिया। जब कमरे की तलाशी ली गई, तो वहां से नशीला पदार्थ बरामद हुआ। मौके पर बुलाई गई एफएसएल टीम ने जांच की, जिसमें उसके ‘गांजा’ होने की पुष्टि हुई। वजन करने पर गांजे की मात्रा 3 किलो पाई गई।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना मुंडका में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b) के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी मनोज कुमार लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त है। वह गुपचुप तरीके से किराए के कमरों का इस्तेमाल नशीले पदार्थों को स्टोर करने के लिए करता था ताकि पुलिस की नजरों से बचा रहे।

फिलहाल पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह गांजे की इतनी बड़ी खेप कहां से लाया था और दिल्ली में उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस इस मामले में ‘बैकवर्ड लिंकेज’ की जांच कर रही है ताकि मुख्य सप्लायर तक पहुंचा जा सके।

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