ऑटो चालक को चाकू मारकर लूटा, नारायणा पुलिस ने आरोपियों को दबोचा

नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के थाना नारायणा की पुलिस टीम ने मुस्तैदी और पेशेवर तफ्तीश का परिचय देते हुए एक ऑटो चालक के साथ हुई लूटपाट और चाकूबाजी की वारदात को एफआईआर दर्ज होने के मात्र दो घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में कानून का उल्लंघन करने वाले तीन किशोरों को पकड़ा है। इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया एक किचन नाइफ बरामद कर लिया गया है। पकड़े गए तीनों किशोर नारायणा इलाके में ही रेहड़ी चलाने और मोबाइल रिपेयरिंग का काम करते हैं।

पश्चिमी जिले के डीसीपी दराडे शरद भास्कर ने बताया कि 29 अप्रैल की सुबह एम्स ट्रॉमा सेंटर से एक घायल व्यक्ति के भर्ती होने की सूचना मिली थी। घायल की पहचान इंद्रपुरी निवासी कैलाश के रूप में हुई, जो ऑटो चलाता है। शुरुआती जांच में पता चला कि तड़के करीब तीन बजे नारायणा बस स्टैंड के पास धारदार हथियार से उस पर हमला किया गया था। अस्पताल में कैलाश की हालत गंभीर होने के कारण वह बयान देने की स्थिति में नहीं था। शाम को उपचार के बाद जब पीड़ित थाने पहुंचा, तो उसने बताया कि नारायणा फ्लाईओवर के पास तीन लड़कों ने धौला कुआं जाने के लिए उसका ऑटो किराए पर लिया था। रास्ते में उन लड़कों ने उस पर हमला कर 500 रुपये लूट लिए और जब उसने मोबाइल फोन छीनने का विरोध किया, तो उन्होंने उसे चाकू मारकर घायल कर दिया।

नारायणा थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया और एसआई दीपक चंद्रा व एएसआई अशोक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। टीम ने बिना वक्त गंवाए घटनास्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के विश्लेषण के दौरान तीन संदिग्ध लड़के नारायणा गांव की ओर भागते हुए दिखाई दिए। जब पीड़ित को ये फुटेज दिखाई गई, तो उसने तुरंत उनकी पहचान हमलावरों के रूप में कर ली।

पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी ट्रेल का पीछा करते हुए नारायणा गांव में एक किराए के मकान पर छापा मारा, जहां से तीनों किशोरों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि इनमें से दो किशोर नारायणा में आइसक्रीम की रेहड़ी चलाते हैं, जबकि तीसरा (15 वर्ष) एक मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान पर काम करता है। इनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया है।

पकड़े गए तीनों किशोरों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें सुधार गृह भेज दिया गया है। पुलिस ने इतनी कम अवधि में मामले का खुलासा कर यह साबित किया है कि क्षेत्र में अपराधियों और अपराध के विरुद्ध पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

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