गाजीपुर इलाके में ड्रग पेडलर गिरफ्तार, पुलिस ने पीछा कर आरोपी को दबोचा, 393 ग्राम गांजा बरामद

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली की पीआईए थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक शातिर नशा तस्कर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेश (30) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नोएडा का रहने वाला है और वर्तमान में मंडावली की जोशी कॉलोनी में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 393 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। पुलिस अब इस तस्करी के पीछे के पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायरों की तलाश कर रही है।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बढ़ती गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पीआईए थाना पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में एसीपी मधु विहार के पर्यवेक्षण और एसएचओ पीआईए इंस्पेक्टर शिव कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी, जिसमें एसआई माया शंकर, हेड कांस्टेबल मनी राम तोमर और कांस्टेबल अस्टेंडर शामिल थे।

28 अप्रैल को पुलिस टीम गाजीपुर के ट्रेवल पॉइंट के पास जंगल एरिया में गश्त और संदिग्धों की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान टीम ने एक व्यक्ति को संदिग्ध हालत में घूमते देखा। पुलिस को देखकर आरोपी घबरा गया और गाजीपुर गांव की गलियों की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 393 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह स्थानीय स्तर पर छोटे पैमाने पर गांजे की सप्लाई करता था और अपनी नशे की लत व पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए इस धंधे में उतरा था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी राजेश एक आदतन अपराधी है। वह पहले भी मधु विहार थाने में दर्ज चोरी और लूट के तीन गंभीर मामलों में संलिप्त रह चुका है। आरोपी 12वीं तक पढ़ा है और मजदूरी का काम करता था, लेकिन अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद वह नशे की तस्करी करने लगा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी यह गांजा कहां से लाता था और दिल्ली में किन-किन लोगों को सप्लाई करता था।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More