एक्स मुस्लिम कहलाने वाले सलीम वास्तिक तक कैसे पहुंची दिल्ली पुलिस?, जानिए फरारी से लेकर गिरफ्तारी तक पूरी कहानी

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने खुद को एक्स मुस्लिम कहने वाले सलीम वास्तिक को एक कारोबारी के बेटे की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। वो साल 2000 में दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत लेने के बाद फरार हो गया था। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि फरार होने के लिए सलीम वास्तिक ने क्या किया और दिल्ली पुलिस आखिर उस तक कैसे पहुंची।

सलीम वास्तिक को दिल्ली के गोकुलपुरी में सीताराम बंस नाम के कारोबारी के 13 साल के बेटे संदीप को अगवा कर हत्या करने के आरोप में 1995 में गिरफ्तार किया गया था। सलीम वास्तिक और उसके साथी अनिल को ट्रायल कोर्ट ने 1997 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद सलीम वास्तिक ने दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत ले ली और उसके बाद खुद को मृत घोषित कर दिया। फिर वो गाजियाबाद के लोनी इलाके में रहने लगा और यूट्यूब वीडियो चैनल भी खोल लिया। अमर उजाला अखबार की खबर के मुताबिक दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी की टीम को खबर मिली कि सलीम वास्तिक 31 साल पहले नाबालिग की हत्या में दोषी है और पहचान बदलकर लोनी के अशोक विहार में रहता है।

इसके बाद इंस्पेक्टर त्यागी की टीम ने कड़कड़डूमा कोर्ट पहुंचकर 1995 में हुई हत्या की फाइल और दस्तावेज तलाशे। जिनमें सलीम वास्तिक के फिंगर प्रिंट और फोटो भी थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस टीम ने अन्य स्रोतों से पुष्टि की और पता चला कि सलीम वास्तिक ही कारोबारी के बेटे की हत्या में दोषी सलीम खान है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उसे दबोच लिया। खबर के मुताबिक सलीम वास्तिक कुंगफू में ब्राउन बेल्ट है। वो यूपी के शामली से दिल्ली आकर रामजस स्कूल में मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर बना था। फिर सलीम वास्तिक जैकेट सप्लाई का काम करने लगा। इस दौरान अनिल से मुलाकात हुई और दोनों ने मिलकर रामजस में ही पढ़ने वाले कारोबारी के बेटे को अगवा कर 30 हजार रुपए की फिरौती मांगी।

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