पूर्वी दिल्ली सांस्कृतिक केंद्र में आदि शंकराचार्य जयंती का भव्य आयोजन, “आदिशंकराचार्य सम्मान” का शुभारंभ

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली सांस्कृतिक केंद्र में आदि शंकराचार्य जनसेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की जयंती बड़े ही भव्य और गरिमामय ढंग से मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर अनंत विभूषित स्वामी बालकानंद गिरी महाराज ने की। इस अवसर पर निजस्वरूपानंद दाती महाराज, महामंडलेश्वर विद्यागिरी महाराज, महामंडलेश्वर हरि ओम गिरी महाराज और शिवप्रेमानंद जी समेत कई संत-महात्माओं ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आदि शंकराचार्य को संन्यास परंपरा, पीठों और अखाड़ों का संगठक माना जाता है, जो संत समाज में उनके गौरवपूर्ण स्थान को दर्शाता है।

कार्यक्रम का आरंभ प्रसिद्ध गायक डॉ. शुभम आर्या की संगीतमय प्रस्तुति से हुआ, जिन्होंने “निर्वाण षट्कम” और “भज गोविंदम” के भावपूर्ण गायन से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के डॉ. विनोद शर्मा और शिक्षाविद् डॉ. आलोक कुमार मिश्रा ने अद्वैत दर्शन की गहन व्याख्या प्रस्तुत की। दिल्ली प्राच्यविद्या प्रतिष्ठान के निदेशक डॉ. जीतराम भट्ट ने आचार्य शंकर की दिग्विजय यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने पूरे भारत का भ्रमण कर विभिन्न समुदायों को एक सूत्र में पिरोकर राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती प्रदान की थी।

अद्वैत वेदांत के विद्वान प्रो. डॉ. रामनाथ झा ने मुख्य वक्ता के रूप में आचार्य शंकर की कृतियों और उनके दर्शन की समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केरल के कालडी से निकलकर मात्र 32 वर्ष की अल्पायु में आचार्य शंकर ने जो आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता का सूत्रपात किया, वह भारतीय इतिहास में अद्वितीय है। अध्यक्षीय संबोधन में स्वामी बालकानंद गिरी जी महाराज ने चारों पीठों के ब्रह्मवाक्यों की सारगर्भित व्याख्या करते हुए अद्वैत वेदांत के सिद्धांतों का विवेचन किया।

इस विशेष आयोजन में ट्रस्ट ने “आदिशंकराचार्य सम्मान” की नई परंपरा का भी शुभारंभ किया। इस प्रथम सम्मान से प्रो. डॉ. रामनाथ झा को मंचासीन संतों और गणमान्य अतिथियों द्वारा स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन आकाशवाणी-दूरदर्शन के कलाकार कुमार सुबोध शर्मा ने किया, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह से आदि शंकराचार्य के विचारों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए ट्रस्ट से जुड़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विधायक डॉ. अनिल गोयल, वासुदेव गर्ग, घनश्याम गुप्ता जावेरी और शिल्पी गुप्ता समेत समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अंत में ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने सभी संतों, विद्वानों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने महेश हिंगोरानी, वासुदेव बंसल, अरविंद कुमार और अन्य सहयोगियों के योगदान की सराहना करते हुए कार्यक्रम की सफलता का श्रेय पूरी टीम को दिया।

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