राजौरी गार्डन में मोबाइल चोरों का बड़ा रैकेट ध्वस्त, चोरी के 33 महंगे मोबाइल और टैबलेट के साथ दो गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की वेस्ट डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ ने चोरी के मोबाइल फोन और टैबलेट के अवैध कारोबार में लिप्त एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 33 महंगे मोबाइल फोन और 2 टैबलेट बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रघुबीर नगर निवासी करण (30) और विक्रम (30) के रूप में हुई है। पुलिस की इस कार्रवाई से हरि नगर और राजौरी गार्डन थानों में दर्ज चोरी के तीन मामलों का खुलासा हुआ है।

वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी दराडे शरद भास्कर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के तहत क्षेत्र में चोरी और झपटमारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। स्पेशल स्टाफ के प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश मौर्य के नेतृत्व में बनी इस टीम में एसआई नरेश अहलावत, एएसआई उमेश, एएसआई ऋषि और हेड कांस्टेबल दीपक शामिल थे। टीम लगातार सक्रिय अपराधियों और चोरी का माल खपाने वाले गिरोहों पर नजर रख रही थी।

जांच के दौरान 19 अप्रैल 2026 को पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति चोरी के मोबाइल फोन बेचने के लिए राजौरी गार्डन स्थित रिंग रोड के पास एसडीम ऑफिस के पास आने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और निर्धारित स्थान पर घेराबंदी की। दोपहर करीब 2:35 बजे मुखबिर की निशानदेही पर दोनों संदिग्धों को दबोच लिया गया।

तलाशी लेने पर आरोपी करण के पास से 20 मोबाइल फोन और एक टैबलेट मिला, जबकि विक्रम के पास से 11 मोबाइल फोन और एक टैबलेट बरामद हुआ। पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी चोरी और झपटमारी के मोबाइल फोन को सस्ते दामों पर आगे बेचने का काम करते थे। बरामद मोबाइलों में से 3 फोन सीधे तौर पर चोरी की वारदातों से जुड़े पाए गए हैं, जबकि बाकी उपकरणों को भी चोरी का मानकर जब्त कर लिया गया है।

डीसीपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने हरि नगर और राजौरी गार्डन थाने के तीन अलग-अलग चोरी के मामलों को वर्कआउट किया है। फिलहाल, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस उनके अन्य संपर्कों तथा चोरी के मोबाइल के मुख्य स्रोत का पता लगाने के लिए गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों से हुई बरामदगी के बाद आने वाले दिनों में और भी कई लंबित मामलों का खुलासा हो सकता है।

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