दिल्ली पुलिस ने नकली ENO और नेस्कैफे बनाने वाली अवैध फैक्ट्रियों का किया भंडाफोड़, सरगना समेत 4 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (साइबर सेल और साउदर्न रेंज) ने स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बने एक बड़े जालसाजी रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मधु विहार इलाके में संचालित दो अवैध निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर नकली ENO और नेस्कैफे कॉफी पाउडर बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों—उत्तम दास (23), पापई दास बारग्या (19), मास्टरमाइंड नितिन भारद्वाज (38) और उसके सहयोगी संजय बंसल (50)—को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से करीब 1,00,000 नकली ENO पाउच, 50,000 नकली नेस्कैफे पाउच, 500 किलो से अधिक कच्चा कॉफी पाउडर, एसिड, तीन हाई-टेक फिलिंग मशीनें, हॉट गन और भारी मात्रा में पैकेजिंग सामग्री जब्त की है। बरामद सामान की बाजार में कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी राहुल अलवाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मधु विहार के E-25 और F-46/B स्थित दो किराए के फ्लैटों को ‘नकली फैक्ट्री’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस टीम ने जब छापेमारी की, तो वहां उत्तम दास और पापई दास को नामी ब्रांडों की हूबहू पैकिंग करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पिछले दो महीनों से नितिन भारद्वाज के इशारे पर यह अवैध धंधा चला रहे थे। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और खुफिया इनपुट का उपयोग करते हुए मुख्य सरगना नितिन भारद्वाज को उत्तराखंड के देहरादून (सहस्तधारा) से गिरफ्तार किया, जबकि संजय बंसल को कश्मीरी गेट के पास से उस समय दबोचा गया, जब वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में था।

आरोपियों का यह संगठित अपराध नेटवर्क आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर भारी मुनाफा कमा रहा था। ये लोग नामी कंपनियों के ट्रेडमार्क और पैकेजिंग की नकल कर नकली उत्पाद तैयार करते थे और उन्हें दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में थोक और खुदरा बाजारों में खपाते थे। संबंधित कंपनियों के आधिकारिक प्रतिनिधियों ने बरामदगी के बाद पुष्टि की है कि ये उत्पाद पूरी तरह नकली हैं और आरोपियों के पास किसी भी प्रकार का निर्माण या वितरण लाइसेंस नहीं है।

इस गंभीर अपराध को देखते हुए क्राइम ब्रांच थाने में बीएनएस की धारा 318(4), 336, 340, 275 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीपी स्वागत पाटिल राजकुमार के कुशल नेतृत्व में इंस्पेक्टर मंजीत कुमार और इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार की टीम ने इस रैकेट को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों और कच्चे माल की आपूर्ति करने वाले स्रोतों की गहन जांच कर रही है, ताकि इस पूरे सप्लाई चेन को जड़ से मिटाया जा सके। पुलिस की यह कार्रवाई बाजार में सक्रिय नकली सामान बेचने वाले माफियाओं के लिए एक सख्त चेतावनी है।

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