मंडावली पुलिस ई-रिक्शा चोरी कर पुर्जे बेचने वाला गिरोह का किया पर्दाफाश, शातिर गिरफ्तार, कबाड़ी से बरामद हुए चोरी के पुर्जे

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्वी जिला की मंडावली थाना पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो इलाके में ई-रिक्शा चोरी करने के बाद उनके पुर्जे निकालकर कबाड़ी को बेच देता था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए ई-रिक्शा के हिस्से बरामद किए हैं और माल खरीदने वाले कबाड़ी कालीचरण को भी कानूनी दायरे में लिया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान सचिन उर्फ छोटे (20 वर्ष) के रूप में हुई है।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि 15 अप्रैल को एक ई-रिक्शा चोरी होने की ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडावली थाना एसएचओ श्रीकेश राय और मयूर विहार एसीपी के मार्गदर्शन में हेड कांस्टेबल अनिल, कांस्टेबल दीपक और प्रदीप की टीम गठित की गई। टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और स्थानीय मुखबिरों का जाल बिछाया। तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने सचिन उर्फ छोटे को मंडावली इलाके से ही धर दबोचा।

कड़ाई से पूछताछ के दौरान सचिन ने स्वीकार किया कि उसने हाल ही में मंडावली इलाके से कई ई-रिक्शा चोरी किए थे। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कालीचरण नाम के एक कबाड़ी के ठिकाने पर छापेमारी की, जहां से चोरी किए गए ई-रिक्शा के विभिन्न पुर्जे बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि यह आरोपी पिछले कुछ समय में मंडावली थाने में दर्ज ई-रिक्शा चोरी के कुल 5 मामलों में संलिप्त था।

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी सचिन एक दिहाड़ी मजदूर है, जबकि कबाड़ी कालीचरण इन चोरी के पुर्जों को खरीदकर उन्हें ठिकाने लगाने का काम करता था। इन दोनों की गिरफ्तारी से मंडावली थाने में दर्ज चोरी के 5 बड़े मामले सुलझ गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये आरोपी अन्य किसी गिरोह के साथ मिलकर काम कर रहे थे और क्या चोरी का माल अन्य जगहों पर भी खपाया गया है। फिलहाल, पुलिस ने कबाड़ी कालीचरण को कानूनी प्रावधानों के तहत पाबंद कर दिया है और आगे की जांच जारी है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More