अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़; दिल्ली-बिहार नेटवर्क के 6 तस्कर गिरफ्तार, 58.7 किलो गांजा और 5.31 लाख कैश जब्त किया

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्वी जिला की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने नशे के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिल्ली-एनसीआर और बिहार के बीच चल रहे एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के 6 सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दिल्ली के स्थानीय पेडलर और बिहार स्थित मुख्य स्रोत शामिल हैं। इस ऑपरेशन के दौरान कुल 58.700 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा, पुलिस ने 5,31,580 रुपये नकद भी बरामद किए हैं, जो नशा तस्करी से कमाए गए होने का संदेह है।

पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए एसीपी (ऑपरेशन्स) पवन कुमार के मार्गदर्शन और एएनएस प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम में एसआई राहुल मोंगा, विकास, एएसआई अरुण, अमित और अन्य कर्मी शामिल थे। टीम पांडव नगर थाने में दर्ज एक पुराने मामले की कड़ियाँ जोड़ रही थी, जिसमें पहले ही दो आरोपियों, नदीम और मोनू उर्फ अभिषेक को 45 किलो गांजे के साथ पकड़ा गया था।

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम ने 9 अप्रैल को तकनीकी सर्विलांस की मदद से लोनी (गाजियाबाद) से मुख्य सप्लायर शेर खान को गिरफ्तार किया। इसके बाद 11 अप्रैल को कल्याणपुरी इलाके से ‘पिंकी कौर उर्फ डॉन’ (43 वर्ष) को पकड़ा गया, जिसके पास से 2.636 किलो गांजा और 2.66 लाख रुपये नकद बरामद हुए। नदीम से पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरे माल का मुख्य स्रोत बिहार के वैशाली जिले का रहने वाला दीपक पटेल है, जो अक्सर दिल्ली में खेप सप्लाई करने आता है।

पुलिस ने जाल बिछाया और 11 अप्रैल को ही संजय झील स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास से बिहार के वैशाली निवासी दीपक पटेल (31 वर्ष) और विकास (32 वर्ष) को दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय उनके पास से दो बैगों में भरा 10.300 किलो गांजा बरामद हुआ। आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बिहार से थोक में गांजा लाकर दिल्ली के रिहायशी इलाकों में किराए के कमरों में रखते थे। वहां वे स्टेपलर, टेप और छोटी प्लास्टिक थैलियों का उपयोग कर इसकी छोटी-छोटी पुड़िया बनाते थे ताकि स्थानीय नेटवर्क के जरिए इन्हें आसानी से बेचा जा सके। पुलिस ने अब तक कुल 58.696 किलोग्राम गांजा, 5,31,580 रुपये नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और भारी मात्रा में पैकिंग सामग्री (स्टेपलर, कैंची, प्लास्टिक पाउच आदि) जब्त की है।

पकड़े गए आरोपियों में नदीम (28), मोनू उर्फ अभिषेक (25), शेर खान (23), पिंकी कौर उर्फ डॉन (43), दीपक पटेल (31) और विकास (32) शामिल हैं। इनमें से दीपक और विकास बिहार से माल की सप्लाई सुनिश्चित करते थे, जबकि अन्य आरोपी दिल्ली में भंडारण और वितरण का काम देखते थे। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि पूर्वी दिल्ली पुलिस समाज को नशे के अभिशाप से मुक्त करने के लिए इस तरह के संगठित गिरोहों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

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