‘पोर्टर’ ऐप के जरिए चल रहे ऑनलाइन अवैध शराब तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

नई दिल्ली: बाहरी दिल्ली के पश्चिम विहार ईस्ट थाना की टीम ने ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म ‘पोर्टर’ का दुरुपयोग कर अवैध शराब की तस्करी करने वाले एक शातिर रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी समीर पालीवाल (19 वर्ष) और डिलीवरी वाहन के चालक पुष्पेंद्र (22 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 800 क्वार्टर अवैध शराब और तस्करी में इस्तेमाल होने वाला एक थ्री-व्हीलर टैम्पो बरामद किया गया है। यह गिरोह पिछले दो महीनों से तकनीकी माध्यमों का सहारा लेकर हरियाणा के बहादुरगढ़ से दिल्ली में अवैध शराब की सप्लाई कर रहा था।

बाहरी जिले के डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि 5 अप्रैल को हेड कांस्टेबल राकेश को पीरागढ़ी चौक के पास ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म के माध्यम से हरियाणा से दिल्ली अवैध शराब लाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि होने के बाद, एसीपी राजबीर सिंह लांबा की देखरेख और एसएचओ राजपाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। डीसीपी ने बताया कि पुलिस टीम ने पीरागढ़ी चौक पर जाल बिछाया और एक संदिग्ध थ्री-व्हीलर को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही चालक ने भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 16 कार्टन में रखे 800 क्वार्टर बरामद हुए, जिन पर ‘केवल हरियाणा में बिक्री के लिए’ लिखा था।

पूछताछ के दौरान चालक पुष्पेंद्र ने खुलासा किया कि यह खेप समीर पालीवाल ने ऑनलाइन बुक की थी। डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए समीर पालीवाल को भी पास के इलाके से गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि समीर पिछले दो महीनों से सक्रिय है और वह बहादुरगढ़ (हरियाणा) के एल-1 लाइसेंस प्राप्त वेंडरों से शराब खरीदता था और पोर्टर ऐप के जरिए उसे दिल्ली के स्थानीय शराब तस्करों (बूटलेगर्स) तक पहुँचाता था। आरोपी समीर ही पूरी बुकिंग और कोऑर्डिनेशन का काम संभालता था।

डीसीपी ने बताया कि इस संबंध में पश्चिम विहार ईस्ट थाने में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/38/58 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि समीर किन-किन बूटलेगर्स के संपर्क में था और क्या इस नेटवर्क में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के अन्य कर्मचारी या विक्रेता भी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस फरार संदिग्धों और नेटवर्क के अन्य कड़ियों को जोड़ने के लिए छापेमारी कर रही है।

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