शालीमार बाग पुलिस ने मोबाइल लूट और ऑनलाइन ठगी करने वाले दो लुटेरों को किया गिरफ्तार; लूटा गया फोन बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला अंतर्गत थाना शालीमार बाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए लूट की एक अनोखी वारदात का सफल खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो लुटेरों राहुल (25 वर्ष) और नीरज (23 वर्ष) को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने न केवल पीड़ित से मोबाइल छीना, बल्कि डरा-धमकाकर पासवर्ड लिया और पेटीएम के जरिए उसके खाते से पैसे भी ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने इनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी राहुल पहले भी लूट और चोरी के 4 मामलों में संलिप्त रहा है।

उत्तर-पश्चिम जिले की डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि 19 मार्च की रात करीब 11:15 बजे हैदरपुर निवासी बाबलू के साथ लूटपाट हुई थी। पीड़ित जब रोहिणी जेल के पास से गुजर रहा था, तभी दो युवकों ने उसे पीछे से दबोच लिया और जान से मारने की धमकी देकर उसका मोबाइल और पर्स निकाल लिया। पर्स में नकदी न मिलने पर उन्होंने उसे लौटा दिया, लेकिन मोबाइल का पासवर्ड जबरन लेकर उसके खाते से ₹700 अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए और फोन लेकर फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी शालीमार बाग रोहित गुप्ता और थाना प्रभारी रामपाल के नेतृत्व में एसआई अभय, हेड कांस्टेबल योगेश, कोमल, कुलदीप और टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया। तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने हैदरपुर और मुकुंदपुर इलाके में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी के दौरान पीड़ित का लूटा हुआ मोबाइल फोन इनके पास से बरामद हुआ।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी जरूरतों को पूरा करने और आसान पैसा कमाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी राहुल संजय कैंप, हैदरपुर का रहने वाला है और वह एक आदतन अपराधी है, जबकि नीरज मुकुंदपुर का निवासी है और उसने पहली बार किसी अपराध को अंजाम दिया है। पुलिस अब इनके तीसरे फरार साथी की तलाश कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि इन्होंने इस तरह से और कितने लोगों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए लूटा है। मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More