बुलेटप्रूफ गाड़ी, अवैध हथियारों का जखीरा और करोड़ों की संपत्ति के साथ दिल्ली पुलिस ने ‘टिल्लू गैंग’ के सात गुर्गे दबोचे

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के बाहरी उत्तरी जिला की टीम ने संगठित अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हाई-प्रोफाइल आपराधिक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। अलीपुर थाना और एएटीएस की टीमों ने दो अलग-अलग ऑपरेशनों में ‘टिल्लू गैंग’ से जुड़े मास्टरमाइंड प्रदीप उर्फ नीतू उर्फ सहवाग समेत कुल सात मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने एक मोडिफाइड बुलेटप्रूफ स्कॉर्पियो, किया सोनेट कार, भारी मात्रा में अवैध हथियार (शॉटगन, रिवॉल्वर, पिस्टल), करीब 20 लाख रुपये नकद, 916 ग्राम सोना, 940 ग्राम चांदी, 27 मोबाइल फोन और 13 लग्जरी घड़ियां बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप उर्फ सहवाग (37), अमित (37), विकास सिंधु (25), साहिल (26), रवि सिंह (29), मोहम्मद साहिल (25) और मोहम्मद अकरम उर्फ कलाम (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से कुल 8 अवैध हथियार और 45 से अधिक जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

पहली कार्रवाई अलीपुर थाना क्षेत्र के ताजपुर कलां गांव में की गई, जहां पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर छापा मारकर कुख्यात गैंगस्टर प्रदीप उर्फ सहवाग और उसके तीन साथियों को दबोच लिया। प्रदीप इलाके का घोषित अपराधी है और उस पर हत्या के प्रयास व लूट जैसे सात से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। वह टिल्लू गैंग के सक्रिय सदस्य के रूप में सट्टेबाजी, फाइनेंस और जबरन वसूली का सिंडिकेट चला रहा था। पुलिस तब दंग रह गई जब तलाशी के दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो मिली, जिसे विशेष रूप से बुलेटप्रूफ बनाया गया था। इसके साथ ही आरोपी अमित के पास से एक पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। हरियाणा के करनाल निवासी विकास और साहिल इस गैंग के लिए सट्टे की वसूली करने और विरोधियों को डराने-धमकाने का काम करते थे। पुलिस ने इनके पास से 19,78,850 रुपये की नकदी और भारी मात्रा में जेवरात भी जब्त किए हैं।

दूसरा ऑपरेशन एएटीएस की टीम ने शाहबाद डेयरी और बवाना इलाके में अंजाम दिया। इंस्पेक्टर आनंद कुमार झा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने खेड़ा गांव नहर के पास जाल बिछाकर अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह को घेरा। मुठभेड़ के दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्धों ने भागने की कोशिश की, जिसमें से एक मोटरसाइकिल फिसल गई और पुलिस ने रवि सिंह व मोहम्मद साहिल को मौके पर ही दबोच लिया। बाद में इनकी निशानदेही पर मोहम्मद अकरम उर्फ कलाम को भी गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों के पास से पांच देसी कट्टे, एक रिवॉल्वर और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर में कुख्यात गैंगस्टरों को अवैध हथियारों की सप्लाई करने का काम कर रहा था।

डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने बताया कि यह गिरोह न केवल हथियारों की तस्करी में लिप्त था, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और लग्जरी सुविधाओं का उपयोग कर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। बुलेटप्रूफ गाड़ी का मिलना इस बात का संकेत है कि आरोपी किसी बड़ी गैंगवार की तैयारी में थे। पुलिस अब इन अपराधियों के वित्तीय संबंधों और अवैध हथियारों की सप्लाई चेन की गहराई से जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ में कई अन्य चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे इलाके में सक्रिय अन्य अपराधियों तक भी पहुंचा जा सके। पुलिस ने अलीपुर और नरेला इंडस्ट्रियल एरिया थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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