27 संगीन मामलों में शामिल ‘मोस्ट वांटेड’ गैंगस्टर गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मोस्ट वांटेड और घोषित अपराधी चंद्रमा प्रसाद (49 वर्ष), निवासी जहांगीर पुरी, दिल्ली को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पूर्व में हुई कार्रवाई के दौरान एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और एक चोरी की टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की गई थी, जिसे उसने अपने सहयोगियों को अपराध के लिए उपलब्ध कराया था। चंद्रमा प्रसाद एक खूंखार अपराधी है, जो हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे 27 गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। इनमें से 12 मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हैं और वह साल 2003 में आजमगढ़ के रानी-की-सराय थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी नामजद किया जा चुका है।

उत्तर-पश्चिम जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह ने बताया कि आरोपी चंद्रमा प्रसाद थाना आदर्श नगर के एक आर्म्स एक्ट मामले में मुख्य साजिशकर्ता था। जनवरी 2025 में पुलिस ने उसके तीन साथियों विकास, अजय और विवेक को चोरी की मोटरसाइकिल और लोडेड देशी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि ये हथियार और वाहन चंद्रमा प्रसाद ने ही मुहैया कराए थे। तब से वह लगातार फरार चल रहा था और रोहिणी कोर्ट द्वारा उसे आधिकारिक रूप से घोषित अपराधी घोषित किया गया था।

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसीपी ऑपरेशंस रंजीत ढाका के मार्गदर्शन और स्पेशल स्टाफ प्रभारी निरीक्षक सोमवीर सिंह के नेतृत्व में एसआई अजय कुमार, एएसआई मनोज, हेड कांस्टेबल नरसी राम और महिला कांस्टेबल कोमल की एक विशेष टीम गठित की गई। 25 फरवरी को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी शाहबाद डेयरी के सी-ब्लॉक इलाके में छिपा हुआ है। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके में जाल बिछाया और घेराबंदी कर उसे काबू कर लिया। गिरफ्तारी के समय उसने अपनी पहचान ‘रोहित’ बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद उसने अपना वास्तविक नाम और अपराध कबूल कर लिया।

पुलिस रिकॉर्ड के विश्लेषण से पता चला कि चंद्रमा प्रसाद का आपराधिक इतिहास दो दशकों से अधिक पुराना है। उत्तर प्रदेश और दिल्ली की पुलिस को लंबे समय से इसकी तलाश थी। वह शातिर तरीके से अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान वह किन अन्य अपराधियों के संपर्क में था और क्या वह किसी बड़े गिरोह को हथियार सप्लाई करने के नेटवर्क से जुड़ा है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More